दैनिक खबरनामा। रामबन/ऊधमपुर, 7 अगस्त: जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार तड़के एक संदिग्ध हरकत से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सुरक्षा नाके को तोड़ दिया और फरार हो गई। पुलिस ने रोकने के लिए गोलियां भी चलाईं, लेकिन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर गायब हो गया। कुछ देर बाद सुनसान इलाके से लावारिस गाड़ी बरामद कर ली गई।
जानकारी के अनुसार यह वाकया शुक्रवार सुबह करीब 3:30 बजे का है। एक काले रंग की स्कॉर्पियो श्रीनगर की तरफ से जम्मू की ओर आ रही थी। जैसे ही वाहन रामबन के चंद्रकोट में बने जांच प्वाइंट पर पहुंचा, वहां मौजूद जवानों ने उसे रुकने का संकेत दिया।
आरोप है कि ड्राइवर ने रुकने के बजाय बैरिकेड को धक्का देकर नाशरी की दिशा में गाड़ी भगा दी। अचानक हुई इस हरकत को संदिग्ध मानते हुए नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की।
पुलिस की फायरिंग के बाद भी नहीं रुका चालक
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, गाड़ी को नियंत्रित करने के लिए जवानों ने तीन राउंड फायर किए। फायरिंग का मकसद टायर निशाना बनाकर वाहन को रोकना था, ताकि कोई बड़ी वारदात न हो सके। इसके बावजूद चालक नहीं रुका और गाड़ी लेकर आगे बढ़ता रहा। कुछ किलोमीटर आगे दलवास के पास उसने गाड़ी सड़क किनारे छोड़ दी और पैदल फरार हो गया। सूचना मिलते ही रामबन के एसएसपी अरुण गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया, “दलवास के पास से संदिग्ध स्कॉर्पियो को कब्जे में ले लिया गया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अभी विस्तृत ब्योरा जांच के बाद ही दिया जाएगा।”
सुरक्षा एजेंसियों ने चलाया सघन सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद तुरंत पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रख दिया गया। जिला पुलिस के साथ CRPF और सेना की टुकड़ियों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
चंद्रकोट से नाशरी और दलवास तक लगते जंगलों, गलियों और हाईवे से जुड़े रास्तों पर गहन जांच की जा रही है। हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से पड़ताल हो रही है। अभियान में ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि चालक ने नाका तोड़कर भागने की हिम्मत क्यों की? क्या गाड़ी में कोई आपत्तिजनक सामान था या वह किसी गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ा था?
फिलहाल जब्त स्कॉर्पियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और मालिक का पता लगाया जा रहा है। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार चालक की शिनाख्त हो सके।
अमरनाथ यात्रा और समग्र सुरक्षा के लिहाज से जम्मू-श्रीनगर हाईवे को संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।