दैनिक खबरनामा। जम्मू, 14 जुलाई: श्री माता वैष्णो देवी मंदिर से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाले का मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चांदी के दान में भारी मिलावट थी। जांच में सामने आया कि 20 टन से अधिक चढ़ावे में असली चांदी बेहद कम थी। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 550 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जम्मू की एक अदालत ने इस मामले में पुलिस से सभी दस्तावेज तलब किए हैं। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को 29 जुलाई की अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पूरा रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है।
पिघलाने पर खुला राज
श्राइन बोर्ड ने जब दान में मिली चांदी को गलाकर जांच करवाई तो नतीजे चौंकाने वाले थे। जांच में पता चला कि धातु में सिर्फ 5 से 6 फीसदी ही असली चांदी थी। बाकी हिस्सा कैडमियम और लोहे जैसी अन्य धातुओं का निकला। यानी चढ़ावे का ज्यादातर हिस्सा नकली था।
वकील ने दर्ज कराई शिकायत
इस गड़बड़ी को लेकर जम्मू के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने 9 मई को पहल की। उन्होंने क्राइम ब्रांच के पुलिस महानिरीक्षक और ईओडब्ल्यू जम्मू के एसएसपी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में उन्होंने मांग की थी कि एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए।
दीपक शर्मा का कहना है कि भक्तों द्वारा अर्पित की गई चांदी में या तो पहले से मिलावट थी या फिर मंदिर तक पहुंचने के बाद उसमें हेरफेर किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि दान की अदला-बदली हुई है, इसलिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट नाराज
जब पुलिस की ओर से इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो शर्मा ने अदालत का रुख किया और एफआईआर के साथ जांच की प्रार्थना की। कोर्ट के आदेश के बाद क्राइम ब्रांच ने स्टेटस रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया कि मामला श्रीनगर स्थित क्राइम मुख्यालय की मंजूरी के बाद जम्मू के जोनल पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है।
याचिकाकर्ता ने इस पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि आर्थिक अपराध शाखा जम्मू का अपना थाना है और शिकायत सीधे वहीं दर्ज होनी चाहिए थी। साथ ही उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में जरूरी सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए उठाए गए कदमों का कोई जिक्र नहीं है।
इन्हीं बिंदुओं को देखते हुए अदालत ने जांच अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह 29 जुलाई को सभी संबंधित फाइलों के साथ स्वयं कोर्ट में हाजिर हों।