25 दिसंबर | जगदीश कुमार घर के बाहर खेलते दो मासूम और फिर अचानक सन्नाटा।चंडीगढ़ के रायपुर खुर्द इलाके से लापता हुए आयुष (12) और इशांत (8) आखिरकार उत्तर प्रदेश के एक रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित मिल गए। जिस वक्त परिजन चिंता में डूबे थे, उसी समय GRP पुलिस ने बच्चों को अकेले घूमते देखा और उन्हें अपनी सुरक्षा में ले लिया।GRP द्वारा सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस हरकत में आई और बच्चों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।CCTV में कैद आख़िरी पलमोहल्ले में लगे CCTV कैमरे में लाल शर्ट पहने आयुष और काले कपड़ों में इशांत जाते हुए दिखाई देते हैं। एक बच्चे का दूसरे के कंधे पर हाथ… जैसे डर में भी साथ न छोड़ने का वादा। यही फुटेज पुलिस जांच की सबसे अहम कड़ी बनी।मजदूर परिवार की टूटी नींद /दोनों बच्चे रायपुर खुर्द में रहने वाले एक मजदूर परिवार से हैं। रोज़ी-रोटी के संघर्ष के बीच बच्चों का इस तरह गायब हो जाना पूरे परिवार के लिए सबसे बड़ा सदमा था। आयुष तीसरी कक्षा में पढ़ता है, जबकि छोटा भाई इशांत अभी स्कूल नहीं जाता।ऐसे पहुंचे यूपीमौली जागरां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरिओम के मुताबिक, बच्चों ने पहले चंडीगढ़ से अंबाला के लिए बस पकड़ी, फिर गोरखपुर-लखनऊ जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। रेलवे स्टेशन पर GRP पुलिस ने उन्हें अकेला देखकर पूछताछ की, लेकिन बच्चे घबराहट में कुछ साफ़ नहीं बता पाए।सुकून की खबरGRP ने तुरंत चंडीगढ़ पुलिस को सूचना दी। इस दौरान आयुष के पिता लखनऊ में मौजूद थे, जो अपने बच्चे को अपने साथ ले गए। पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चों का किसी से कोई विवाद नहीं था और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।यह कहानी सिर्फ़ दो बच्चों की नहीं, बल्कि हर उस परिवार की है जो रोज़ मेहनत में डूबा रहता है और एक पल की लापरवाही भी ज़िंदगी भर का डर बन जाती है।
You May Also Like
पीएम मोदी ने वर्चुअल माध्यम से चंडीगढ़ को दी 25 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात
- Vishal
- February 15, 2026
पीएनबी फ्रॉड केस में बड़ा खुलासा 2,434 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, हरियाणा सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
- Vishal
- January 22, 2026
पीएम सूर्य घर योजना फिर CREST के पास, चंडीगढ़ में 115 मेगावाट सौर ऊर्जा लक्ष्य तय
- Vishal
- January 18, 2026
अंधविश्वास और कथित अवैध धर्मांतरण के खिलाफ चंडीगढ़ में पंजाब बचाओ मोर्चा का कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग
- Vishal
- January 31, 2026