चंडीगढ़ 6 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ में
काफी समय से कारोबारियों और आम नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बने लाइसेंस-परमिट-इंस्पेक्टर राज को चंडीगढ़ प्रशासन ने आखिरकार खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठा लिया है। यूटी प्रशासन ने सभी विभागों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत गैरज़रूरी अनुमतियों, मंज़ूरियों, लाइसेंस, अनुपालन नियमों और एनओसी (No Objection Certificate) को या तो समाप्त किया जाएगा या फिर उन्हें बेहद सरल बनाया जाएगा।
यह पहल केंद्र सरकार के सख़्त निर्देशों के बाद शुरू की गई है। केंद्र ने न केवल मौजूदा समस्याओं को चिन्हित किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि किन क्षेत्रों में सुधार की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।सुधारों का सबसे अहम फोकस विभिन्न विभागों से मिलने वाली एनओसी प्रक्रिया को आसान और तर्कसंगत बनाना है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, अब चंडीगढ़ के सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर जारी की जाने वाली एनओसी, परमिट, लाइसेंस और अन्य औपचारिकताओं का विस्तृत अध्ययन करेंगे।इस पूरी प्रक्रिया की नोडल एजेंसी यूटी का विधि विभाग (Law Department) होगा, जो यह तय करेगा कि कौन-सी अनुमति वास्तव में ज़रूरी है और किन औपचारिकताओं को खत्म किया जा सकता है।
प्रशासन का मानना है कि इन सुधारों से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि निवेश, कारोबार और नागरिक सेवाओं को भी तेज़, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।