उत्तर प्रदेश 6जनवरी(दैनिक खबरनामा)जनपद अलीगढ़ के ब्लॉक लोधा अंतर्गत गांव करहला गोरवा में चरागाह (चारागाह) की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और खेती को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने गांव के प्रधान पंकज सागर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए “प्रधान मुर्दाबाद” के नारे लगाए और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव करहला गोरवा में स्थित करीब 15 बीघा चरागाह की भूमि पर गांव के दबंग व्यक्ति ललित पुत्र जयपाल द्वारा अवैध रूप से गेहूं की खेती कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब ग्राम प्रधान पंकज सागर की मिलीभगत से हो रहा है, जिसके चलते आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में पिछले पांच वर्षों से किसी भी प्रकार का विकास कार्य नहीं हुआ है। मनरेगा योजना के तहत अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं कराया गया, न ही गांव में खरंजा, नाली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया गया है। इसके अलावा गांव में तैनात सफाई कर्मचारी भी समय पर नहीं आता, जिससे गांव में गंदगी का अंबार लगा रहता है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान पंकज सागर को पिछले पांच वर्षों से गांव में किसी ने देखा तक नहीं है। आरोप है कि प्रधान न तो गांव की समस्याओं को सुनते हैं और न ही विकास कार्यों में रुचि लेते हैं। चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मामले को लेकर जब राजस्व विभाग से बात की गई तो संबंधित लेखपाल ने बताया कि चरागाह भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। लेखपाल का कहना है कि वे स्वयं गांव करहला गोरवा जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे मामले को लेकर करहला गोरवा के ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चरागाह की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।