नई दिल्ली 5 जनवरी ( दैनिक खबरनामा ) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने आयकर विभाग के अधिकारियों से नए आयकर कानून में बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार और सक्रिय रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट सोच, समझ और उद्देश्य के साथ काम करना बेहद जरूरी है।अपने पारंपरिक नववर्ष संदेश में CBDT प्रमुख ने विभागीय कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नए कानून में संक्रमण को आसान बनाने के लिए नए नियम, प्रक्रियाएं और फॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का कार्य भी पहले से ही शुरू कर दिया गया है।
रवि अग्रवाल ने 2026 को आयकर विभाग के लिए “विशेष महत्व” का वर्ष बताते हुए कहा कि यह समय अधिकारियों की तैयारी, कानून की गहरी समझ और इसके प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर साझा आत्मविश्वास सुनिश्चित करने का है। उन्होंने कहा कि 60 वर्षों से अधिक समय से लागू आयकर अधिनियम, 1961 की जगह अब नया आयकर अधिनियम लागू किया जा रहा है, जो एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव है।CBDT चेयरमैन ने अपने 1 जनवरी के पत्र में लिखा,“यह वर्ष विशेष महत्व रखता है। आयकर अधिनियम 2025 को अधिसूचित कर दिया गया है और यह 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही हम नए कानून की ओर बढ़ रहे हैं। नए नियम, प्रक्रियाएं और फॉर्म तैयार किए जा रहे हैं तथा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का कार्य जारी है।”समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रवि अग्रवाल ने कहा कि वाले महीनों में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बेहद अहम होगी। उन्होंने जोर दिया कि प्रशिक्षण और कानून की संरचना को समझने से अधिकारी करदाताओं को सही मार्गदर्शन दे सकेंगे और नए कानून की मंशा को स्पष्ट रूप से समझा सकेंगे।उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे नए आयकर कानून को लेकर पूरी तरह से स्वयं को तैयार करें, ताकि करदाताओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो और बदलाव की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।