दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 19 अगस्त: पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने के तरीके को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने मुख्य सचिव से चार सप्ताह के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। मामला उन स्कूलों से जुड़ा है जो सीमावर्ती, ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में हैं और जहां सुविधाओं की कमी बताई जाती है।
आयोग का यह कदम 17 अगस्त 2026 को मिली शिकायत के बाद उठाया गया। 18 अगस्त 2026 को सहायक रजिस्ट्रार कानून बृजवी सिंह की ओर से जारी पत्र में केस नंबर 810/19/0/2026 का जिक्र है।
आरोप क्या थे
शिकायत में कहा गया कि कई सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त का कार्यक्रम तय सरकारी गाइडलाइन के अनुसार नहीं हुआ। आरोप है कि झंडा फहराने, राष्ट्रगान और स्वतंत्रता आंदोलन, संवैधानिक मूल्य, मौलिक कर्तव्य और नागरिक जिम्मेदारियों से जुड़ी गतिविधियों में बच्चों को ठीक से शामिल नहीं किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शहरी और बेहतर साधनों वाले स्कूलों की तुलना में अलग तरह का शैक्षिक और नागरिक अनुभव मिला।
NHRC ने साफ किया कि सिर्फ एक स्कूल में आयोजन का तरीका अपने आप में मानवाधिकार उल्लंघन नहीं है। लेकिन अगर सरकारी आदेशों की अनदेखी, प्रशासनिक लापरवाही या भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक कारणों से बच्चों के किसी समूह को व्यवस्थित रूप से अवसरों से दूर रखा गया है, तो इसकी जांच जरूरी है।
संवैधानिक प्रावधानों का हवाला
आयोग ने अपने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए गए समानता और समान संरक्षण, अनुच्छेद 21-ए में मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार, और अनुच्छेद 51-ए (ए) व (बी) में संविधान और राष्ट्रीय आदर्शों के सम्मान का उल्लेख किया।
साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29(2) का भी हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया है कि पाठ्यक्रम और मूल्यांकन में संवैधानिक मूल्यों, बच्चे के समग्र विकास और उसकी प्रतिभा को जगह मिलनी चाहिए। बच्चों को खोज और गतिविधि आधारित सीखने का माहौल मिले, यह भी जरूरी बताया गया।
पुराने निर्देशों का संदर्भ
NHRC ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के 7 अगस्त 2017 के पत्र संख्या 15-3/2017-Sch.1/CDN को याद दिलाया। उसमें स्कूलों में देशभक्ति का माहौल बनाने, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने, शपथ दिलाने और राष्ट्रीय उद्देश्यों से जुड़ी गतिविधियां कराने के निर्देश थे।
आयोग ने CBSE के 4 अगस्त 2026 के सर्कुलर संख्या Acad.-53/2026 का भी संज्ञान लिया।
पंजाब सरकार से क्या पूछा गया
मुख्य सचिव से रिपोर्ट में यह बताने को कहा गया है कि क्या बच्चों की भागीदारी में कोई असमानता थी। अगर थी तो उसके पीछे प्रशासनिक आदेश, निगरानी में चूक, संसाधनों की कमी, भौगोलिक दिक्कतें, शिक्षकों या अधिकारियों की गैरहाजिरी, बुनियादी ढांचे का अभाव या कोई और वजह जिम्मेदार थी या नहीं। सरकार को यह भी बताना होगा कि स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए और उनके क्या दस्तावेज हैं।
केंद्र से भी मांगा जवाब
आयोग ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव से 2026 में स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने के दिशा-निर्देश और देशभर में बच्चों की बराबर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों की जानकारी मांगी है। जवाब के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। इसी तरह गृह मंत्रालय के सचिव को भी मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है।
आगे के लिए निर्देश
NHRC ने पंजाब सरकार को कहा है कि राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन सिर्फ औपचारिकता न रहें। बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से स्वतंत्रता संग्राम, संवैधानिक मूल्य, राष्ट्रीय प्रतीक, नागरिक कर्तव्य, लोकतांत्रिक संस्थाएं, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द की ठोस जानकारी दी जाए।
आयोग ने कहा कि देशभक्ति से जुड़ी गतिविधियां बच्चों की पढ़ाई, सेहत, भावनात्मक, सामाजिक और रचनात्मक विकास को नुकसान पहुंचाए बिना शिक्षा का हिस्सा बनें।
मुख्य सचिव को अब चार सप्ताह में दस्तावेजों के साथ पूरी कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को भेजनी होगी। पत्र के साथ शिकायत की प्रति भी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।