दैनिक खबरनामा। जम्मू/लेह, 4 जून 2026: पूर्वी लद्दाख में चीन सीमा से सटे चुमार गांव को देश का पहला मॉडल बॉर्डर विलेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम योजना के तहत उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
करीब 16,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित चुमार गांव में वर्तमान में 24 परिवारों के 91 लोग निवास करते हैं। यहां के अधिकांश निवासी पश्मीना उत्पादन और पशुपालन से जुड़े हुए हैं। सरकार का लक्ष्य सितंबर 2026 तक इस गांव को आधुनिक सुविधाओं से लैस आत्मनिर्भर मॉडल गांव के रूप में विकसित करना है।
हर परिवार को मिलेगा हाईटेक सौर ऊर्जा आधारित आवास
परियोजना के तहत गांव के प्रत्येक परिवार को दक्षिणमुखी सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक घर उपलब्ध कराए जाएंगे, जो कठोर सर्दियों में भी गर्माहट बनाए रखेंगे। इन आवासों में संलग्न शौचालय, होमस्टे के लिए अतिरिक्त कमरा, किचन गार्डन, भेड़-बकरी शेड और चारा भंडारण जैसी सुविधाएं होंगी।
पर्यटन और पश्मीना उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
चुमार को कोरजोक-हनले पर्यटन सर्किट का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाएगा। यहां सामुदायिक कैफे, पर्यटन सूचना केंद्र, हस्तशिल्प प्रोत्साहन केंद्र और पश्मीना उत्पादों के मूल्य संवर्धन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित होंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन पर रोक लगेगी।
ग्रीनहाउस से सालभर होगा सब्जियों का उत्पादन
परियोजना के अंतर्गत डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई अल्टीट्यूड रिसर्च (DIHAR) के सहयोग से 90 फुट लंबा और 27 फुट चौड़ा व्यावसायिक ग्रीनहाउस स्थापित किया जाएगा। यहां उगाई जाने वाली सब्जियां स्थानीय जरूरतों के साथ-साथ भारतीय सेना और आईटीबीपी को भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी।
चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है परियोजना
चुमार मॉडल बॉर्डर विलेज परियोजना को चार प्रमुख आधारों पर विकसित किया जाएगा—
आधुनिक आधारभूत संरचना का निर्माण
रोजगार एवं आजीविका सृजन
हर मौसम में सुचारू कार्यक्षमता
नागरिक-सुरक्षा बल समन्वय
इसके अलावा गांव में सालभर जलापूर्ति, सौर ऊर्जा आधारित बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी, आधुनिक स्वच्छता व्यवस्था, स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और पार्क जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमांत विकास की मिसाल बनेगा चुमार
आधारशिला कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि चुमार मॉडल बॉर्डर विलेज केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना भविष्य में देश के अन्य सीमावर्ती गांवों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल साबित होगी।