दैनिक खबरनामा। श्रीनगर, 28 जुलाई: अमरनाथ यात्रा से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी एक बस मंगलवार को गांदरबल जिले के हरिगनिवान में हादसे का शिकार हो गई। तेज मोड़ पर बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से उतरकर एक घर से जा टकराई। मकान से टकराने की वजह से बस सिंध नदी में गिरने से बच गई, जिससे 39 यात्रियों की जान बच गई।

हादसे में बस में सवार सभी 39 श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें 22 राजस्थान के और बाकी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। सभी को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सौरा में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी की हालत अभी स्थिर है।
सीएम, एलजी और मंत्री पहुंचे अस्पताल
सूचना मिलते ही उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू स्किम्स पहुंचे। उन्होंने घायलों का हाल जाना, डॉक्टरों से उपचार के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिए कि किसी भी यात्री के इलाज में कोई कमी न रहे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि ठीक होने के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके राज्यों तक पहुंचाया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, यात्रा से लौट रही बस संख्या एआर-11डी-5655 गांदरबल के गुंड इलाके में हरिगनिवान के खतरनाक एस-मोड़ पर चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई। बस सड़क से फिसलकर सीधे एक मकान में जा घुसी। अगर बीच में मकान न होता तो बस गहरी खाई पार कर सिंध नदी में गिर सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला। उन्हें एंबुलेंस से कंगन उप-जिला अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद गुंड पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ की 118वीं बटालियन, 2 असम राइफल्स, 21 राष्ट्रीय राइफल्स और यात्रा पुलिस ने मिलकर राहत कार्य चलाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को स्किम्स, सौरा रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि कई यात्रियों के सिर और शरीर पर चोटें आई हैं, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अस्पताल प्रशासन को साफ निर्देश दिए कि इलाज में लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वास्थ्य विभाग को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने को कहा। मंत्री सकीना इटू ने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर विशेषज्ञ डॉक्टर, दवाएं और 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्थानीय लोग बोले- मोड़ खतरनाक
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरिगनिवान का यह एल-आकार का मोड़ पहले भी हादसों के लिए जाना जाता है। जिस मकान से बस टकराई, उसके मालिक दीन मोहम्मद उस वक्त मवेशी चराने गए थे, इसलिए बच गए। हालांकि मकान को काफी नुकसान पहुंचा है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हादसे वाली बस अजमेर की एक ट्रैवल कंपनी की थी, जिसे मंदसौर की मां भगवती यात्रा कंपनी के एजेंट ने अमरनाथ यात्रा के लिए किराए पर लिया था। कंपनी की चार बसें यात्रा पर गई थीं, जिनमें से एक दुर्घटनाग्रस्त हुई। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।