दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 01 नवंबर: देश में 20 रुपये के जाली सिक्के बनाकर बाजार में खपाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की नीयत से काम कर रहा था।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक टोयोटा इटियोस कार से लगभग एक लाख रुपये मूल्य के नकली सिक्के बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह शामिल है, जो मोहाली का निवासी है और सिक्के बनाने व सप्लाई का मुख्य काम देखता था। अन्य आरोपियों की पहचान अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी संत रविदास नगर, जनार्दन कुमार चौरसिया उर्फ संतोष निवासी मधुबनी और पारस जैन निवासी निहाल विहार, दिल्ली के रूप में हुई है।
ऐसे हुआ खुलासा
एसीपी राज कुमार और इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम को 8 सितंबर को सूचना मिली थी कि पारस जैन शाम करीब 5 बजे सफेद रंग की टोयोटा इटियोस कार में जाली सिक्कों की बड़ी खेप लेकर मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने कार को घेरकर चालक पारस जैन को पकड़ लिया।
कार की पिछली सीट की तलाशी में एक काला लैपटॉप बैग और प्लास्टिक के बोरे मिले। जांच करने पर अंदर से 50 पॉलीथीन के पैकेट बरामद हुए, जिनमें से हर पैकेट में 20 रुपये के 100 नकली सिक्के रखे थे। इस प्रकार कुल बरामद सिक्कों की कीमत एक लाख रुपये आंकी गई। पुलिस ने कार, सिक्के और पारस का आईफोन जब्त कर लिया।
70 हजार में बेचते थे एक लाख के सिक्के
पूछताछ में पारस ने बताया कि उसने ये सिक्के उपकार लूथरा से खरीदे थे। उपकार एक लाख रुपये के नकली सिक्के 70 हजार रुपये में बेचता था, जिसे आरोपी बाजार में चलाकर मोटा मुनाफा कमाते थे। जब पारस जैन पकड़ा गया, उस समय मुख्य सरगना उपकार अपनी सिक्का बनाने वाली यूनिट को सोनीपत से सहारनपुर शिफ्ट करने की फिराक में था।
इसी दौरान रास्ते में ही उत्तर प्रदेश पुलिस की एसओजी टीम ने उसे उसके साथियों के साथ गिरफ्तार कर सहारनपुर जेल भेज दिया। बाद में क्राइम ब्रांच ने प्रोडक्शन वारंट पर उसे लाकर पूछताछ की, जिसके आधार पर अनुराग पाल और जनार्दन कुमार चौरसिया को पकड़ा गया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उपकार दिल्ली, हरियाणा और बिहार में जाली सिक्का बनाने, हत्या और चोरी के छह से अधिक मामलों में पहले से शामिल रहा है। उसके खिलाफ लोधी कॉलोनी, केएन काटजू मार्ग और सिविल लाइंस हिसार में मामले दर्ज हैं। वहीं पारस जैन पर भी हत्या, धोखाधड़ी और लूटपाट के केस दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य खरीदारों और ठिकानों की तलाश कर रही है।