दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 01 नवंबर 2026. पंजाब सरकार ने वर्ष 2026-27 के दौरान पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के 2.70 लाख विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 245 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण किसी भी योग्य विद्यार्थी को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहने देना है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को पूरा कर सकें। योजना की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 की तुलना में 2025-26 में इसके लाभार्थी विद्यार्थियों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह पात्र विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
मंत्री ने बताया कि योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 30 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में विशेष जागरूकता समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना था।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए योजना को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से ऑनलाइन लागू किया गया है। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने, तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और पात्र विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को आवेदन करने में पूरा सहयोग दें, ताकि जानकारी के अभाव में कोई पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। शिक्षा सामाजिक समानता, आर्थिक प्रगति और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है। इसके अवसरों का विस्तार करके युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा दी जा सकती है और खुशहाल एवं प्रगतिशील पंजाब की नींव मजबूत की जा सकती है।
मंत्री ने विद्यार्थियों से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और पूरी मेहनत एवं लगन से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि आर्थिक कमजोरी किसी भी पात्र विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य की राह में बाधा न बने और युवा ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।