दैनिक खबरनामा। मंडी, 15 जून : हिमाचल प्रदेश और पंजाब के लाखों निवेशकों से कथित तौर पर 2300 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले क्रिप्टो करेंसी घोटाले के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा और कस दिया है। निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़पकर करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा करने वाले आरोपितों से अब ईडी पाई-पाई का हिसाब लेने की तैयारी में है।
मुख्य आरोपित सुभाष शर्मा को दुबई से भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। इस संबंध में प्रदेश सरकार पहले ही गृह मंत्रालय को पत्र भेज चुकी है। ईडी की विशेष जांच टीम इस मामले से जुड़े 100 से अधिक आरोपितों की चल और अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा जुटाने में लगी हुई है।
जांच के दौरान ईडी की टीम 12 आरोपितों के ठिकानों पर दो बार छापेमारी कर चुकी है। एजेंसी का मुख्य फोकस सुभाष शर्मा पर है, जिसकी मंडी स्थित आलीशान कोठी समेत अन्य संपत्तियों को फ्रीज करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज कर चुकी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
यह पूरा मामला हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर सामने आया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सुभाष शर्मा ने कानून की पकड़ से बचने के लिए निवेशकों से जुटाई गई करोड़ों रुपये की रकम हवाला नेटवर्क के जरिए दुबई भेज दी थी।
बताया जा रहा है कि दुबई में इस धनराशि को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर बेनामी संपत्तियां खड़ी की गईं। आरोपितों ने लोगों को रातों-रात अमीर बनने और क्रिप्टो करेंसी में भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया था।
ईडी की सख्त कार्रवाई से आरोपितों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, ठगी का शिकार हुए हजारों निवेशकों में अपने डूबे हुए धन की वापसी को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है।