दैनिक खबरनामा ब्यूरो। कीव, 15 जून — यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस द्वारा किए गए पिछले दो सप्ताह के सबसे बड़े हवाई हमलों में एक हजार वर्ष पुराने ऐतिहासिक मठ को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि देशभर में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यूक्रेन के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास का प्रतीक माने जाने वाले कीव-पेचेर्स्क लाव्रा मठ को हमले में गंभीर क्षति पहुंची। वर्ष 1051 में स्थापित यह मठ यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। आग लगने से इसके प्रसिद्ध डॉर्मिशन कैथेड्रल को भी नुकसान पहुंचा।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने इस हमले की तुलना पेरिस के प्रतिष्ठित नोट्रे डेम कैथेड्रल पर हमले से करते हुए कहा कि यह यूरोप की सांस्कृतिक विरासत पर सीधा आघात है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि मठ पर हमला रूस द्वारा ईसाई संस्कृति के खिलाफ सबसे गंभीर अपराधों में से एक है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “यह हमारी इतिहास और विरासत पर हमला है। हम इसे फिर से बहाल करेंगे।”
रूस ने मठ पर हमले से इनकार करते हुए दावा किया कि उसे अमेरिकी निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की मिसाइल से नुकसान पहुंचा, जबकि जेलेंस्की ने कहा कि मठ को रूसी ड्रोन ने निशाना बनाया।
कीव और खार्किव में भारी तबाही
कीव सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमूर तकाचेंको के अनुसार, राजधानी में हुए हमलों में चार लोगों की मौत हुई और 34 लोग घायल हुए। बाद में मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि एक घायल व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या पांच हो गई।
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव में रूसी हमले में चार बचाव कर्मियों और एक नगर अधिकारी की मौत हो गई, जबकि कम से कम पांच अन्य लोग घायल हुए।
उत्तर-पूर्वी शहर सुमी में भी एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हुए।
रूस में भी ड्रोन हमले
इस बीच, रूस के तुला क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक वर्षीय बच्चे सहित तीन अन्य घायल हो गए। तुला मॉस्को के दक्षिण में स्थित एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है।
रूस और यूक्रेन दोनों ही नागरिक ठिकानों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
यूक्रेनी सेना के अनुसार, रूस ने रातभर में 70 मिसाइलें और 611 ड्रोन दागे, जिनमें से वायु रक्षा प्रणाली ने 50 मिसाइलों और 582 ड्रोन को मार गिराया। हालांकि, बैलिस्टिक मिसाइलें अब भी यूक्रेन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
यूरोपीय नेताओं ने की निंदा
यूरोपीय संघ और कई यूरोपीय देशों के नेताओं ने कीव के ऐतिहासिक मठ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने इस हमले को “युद्ध अपराध” करार दिया। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की थी। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रत्यक्ष वार्ता का भी प्रस्ताव दिया था, जिसे ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस का समर्थन मिला, लेकिन रूस ने इसे स्वीकार नहीं किया।
युद्ध के बीच यूक्रेन ने भी रूस के औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में यूक्रेनी बलों ने क्रीमिया को रूस नियंत्रित क्षेत्रों से जोड़ने वाले दो पुलों को निशाना बनाया। वर्ष 2014 में रूस द्वारा कब्जा किए गए क्रीमिया क्षेत्र में यूक्रेनी हमलों के कारण ईंधन संकट गहराता जा रहा है।