दैनिक ख़बरनामा साहिबजादा अजीत सिंह नगर, 30 अप्रैल 2026
कृषि विभाग द्वारा खरीफ (सावनी) फसलों की खेती संबंधी तकनीकी जानकारी देने और फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आत्मा योजना के तहत किसान विकास चैंबर (कालकट भवन) में जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण कैंप आयोजित किया गया।
कैंप में संयुक्त निदेशक कृषि (पी.पी.) पंजाब डॉ. नरेंद्र सिंह बैनीपाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि पंजाब सरकार किसानों का जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. गुरमीत सिंह राय ने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पारंपरिक गेहूं-धान चक्र की बजाय दालें, तिलहन और मक्का जैसी फसलों की खेती करने की अपील की।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. सुखजिंदर सिंह बाजवा ने फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर देते हुए बताया कि विभाग द्वारा किसानों को आवश्यक मशीनरी उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने मशीन प्राप्त किसानों से अपील की कि वे अन्य जरूरतमंद किसानों को भी इनका लाभ दें, ताकि पराली प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जा सके।
उन्होंने बताया कि सरकार मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए 7000 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दे रही है। इसके अलावा, वर्ष 2025 में धान की सीधी बुवाई के लिए करीब 10 लाख रुपये की सहायता दी गई थी। वर्ष 2026 के लिए जिले में 5000 एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत 1500 रुपये प्रति एकड़ सहायता प्रदान की जाएगी।
कैंप में कृषि विभाग और संबद्ध विभागों के विशेषज्ञों तथा कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी दी। साथ ही विभिन्न विभागों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान और महिला किसान शामिल हुए।