दैनिक ख़बरनामा नई दिल्ली । 27 मई : देश का बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के बैंकों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उन्होंने बताया कि बैंकों की वृद्धि दर लगभग 15.90 प्रतिशत रही, जिसे अब तक के सबसे बेहतर प्रदर्शन में गिना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंकों की वित्तीय स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। विशेष रूप से गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) डूबते ऋण में आई भारी कमी को बैंकिंग क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां घटकर लगभग 0.40 प्रतिशत रह गई हैं, जिससे बैंकों की ऋण वसूली क्षमता और वित्तीय अनुशासन मजबूत हुआ है।
एम. नागराजू पूर्वोत्तर क्षेत्र में आयोजित दो कार्यक्रमों में शामिल हुए, जहां हजारों लाभार्थियों को सैकड़ों करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बैंक अब अधिक पूंजी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और ग्राहकों को बेहतर वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और व्यापारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 2.25 लाख करोड़ रुपये की व्यापार गारंटी सहायता योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य छोटे उद्योगों को आर्थिक सुरक्षा देना और रोजगार के अवसरों को बनाए रखना है।
वित्तीय समावेशन को लेकर भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया गया। सचिव ने बताया पिछले वर्षों में जनधन योजना के अंतर्गत करोड़ों बैंक खाते खोले गए, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की रही। इसके साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली मुद्रा योजना के माध्यम से भी करोड़ों लोगों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिनमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नए उद्योग और कारोबार शुरू करने के लिए बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाएं तथा समय पर ऋण चुकाकर भविष्य में अधिक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के पात्र बनें।