दैनिक खबरनामा ब्यूरो, अमृतसर/पठानकोट 28 मई : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की जांच रिपोर्ट में बीएसएफ जवान जसविंदर सिंह को लेकर कई अहम खुलासे सामने आए हैं। एजेंसी ने हाईकोर्ट में दायर स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया है कि जसविंदर सिंह अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क और सीमा पार बैठे पाकिस्तानी संपर्कों से जुड़ा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार वह एक ऐसे पाकिस्तानी खुफिया संपर्क “शाह” के संपर्क में था, जिसका नाम गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में भी सामने आया है।
यह रिपोर्ट जसविंदर सिंह की पत्नी लवजीत कौर द्वारा दायर याचिका के जवाब में पेश की गई। याचिका में बीएसएफ जवान की मौत की उच्च स्तरीय जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है। अदालत में सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और अन्य दस्तावेज रिकॉर्ड पर लेने संबंधी अतिरिक्त याचिकाएं भी दायर की गई हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित की गई है।
एनसीबी के अनुसार जसविंदर सिंह को मार्च में जम्मू स्थित घर से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर की कई हड्डियों में चोट और फ्रैक्चर मिलने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में एजेंसी दो अधिकारियों को निलंबित कर चुकी है और जांच दिल्ली ट्रांसफर की जा चुकी है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि जसविंदर सिंह कई अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल नंबरों के जरिए विदेशी संपर्कों से बातचीत करता था। रिपोर्ट के मुताबिक उसके संपर्क में आए कई नंबरों के कोड सऊदी अरब, ब्रिटेन और फिलीपींस से जुड़े थे, जबकि उनकी वास्तविक लोकेशन पाकिस्तान और पंजाब में पाई गई। एजेंसी का दावा है कि यह संगठित सीमा पार ड्रग नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जसविंदर सिंह ने कथित तौर पर एक पुराने हेरोइन मामले में बचने के लिए एनसीबी के एक कर्मचारी को रिश्वत देने की कोशिश की थी। एजेंसी का दावा है कि मामले से जुड़े कई डिजिटल और कॉल रिकॉर्ड जांच में शामिल किए गए हैं।
उधर पठानकोट में मिलिट्री गतिविधियों की कथित जासूसी से जुड़े मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि हाईवे और सैन्य क्षेत्रों के आसपास लगाए गए हाई-डेफिनेशन कैमरों के जरिए संवेदनशील गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही थी। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क पिछले कई महीनों से सक्रिय था और कथित तौर पर विदेशी एजेंसियों के संपर्क में था।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब ड्रग तस्करी, जासूसी और सीमा पार नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही हैं।