दैनिक खबरनामा नई दिल्ली, 29 मई : अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने 60 दिनों के प्रारंभिक समझौते के मसौदे पर सहमति बना ली है। हालांकि इस समझौते को अभी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता की औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है।
सूत्रों के अनुसार यह समझौता दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने और आगे की औपचारिक बातचीत का रास्ता तैयार करने के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तावित समझौते में तत्काल संघर्षविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की निर्बाध आवाजाही और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई वार्ता शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समझौते की अधिकांश शर्तों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अंतिम दस्तावेज की समीक्षा के लिए अमेरिकी पक्ष कुछ और समय चाहता है। दूसरी ओर ईरान ने संकेत दिए हैं कि उसे आवश्यक आंतरिक स्वीकृति मिल चुकी है और वह हस्ताक्षर के लिए तैयार है।
समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही ईरान को अगले 30 दिनों के भीतर समुद्री मार्ग से सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी ताकि व्यापारिक जहाजों को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
अमेरिकी पक्ष ने यह भी संकेत दिया है कि जलमार्ग सामान्य होने के बाद समुद्री निगरानी और नाकाबंदी से जुड़े प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील दी जा सकती है। इसके अलावा ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने पर भी सहमति बनी है, जिससे ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल निर्यात करने में सुविधा मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता औपचारिक रूप लेता है तो पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव में कमी आ सकती है और वैश्विक तेल बाजार को भी स्थिरता मिलने की संभावना है।