वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा में व्यापार, निवेश और कारोबारी सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 30 मई : भारत और कनाडा ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से एक संयुक्त व्यापार एवं निवेश मंच की शुरुआत की है। यह मंच दोनों देशों के उद्योग जगत और निवेशकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जिससे नए कारोबारी अवसरों और साझेदारियों को बढ़ावा मिल सकेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की हालिया कनाडा यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इस पहल पर सहमति बनी। यात्रा के दौरान गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनींदर सिद्धू के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
बैठक में दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 के अंत तक इस समझौते पर बातचीत पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही लोगों के आपसी संपर्क, व्यापारिक आवागमन और प्रत्यक्ष कारोबारी संबंधों को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
कनाडा ने इस वर्ष भारत में एक विशेष व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा भी की है, जिसका उद्देश्य निवेश और व्यापारिक सहयोग के नए अवसर तलाशना होगा।
दोनों देशों ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक और गुणवत्तापूर्ण निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्योग, नवाचार और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। माना जा रहा है कि इससे तकनीक, विनिर्माण, सेवा और नवाचार क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे।
इस बीच, कनाडा यात्रा के बाद अमेरिका पहुंचे पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में उद्योग और निवेश जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। इन चर्चाओं में भारत-अमेरिका व्यापार, निवेश, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को और मजबूत बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
गोयल की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब आगामी दिनों में अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत आने वाला है। इस दौरान अंतरिम व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत द्वारा कनाडा और अमेरिका दोनों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में उठाए जा रहे कदम वैश्विक निवेश आकर्षित करने और आर्थिक विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।