दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 31 मई : आज के दौर में कई युवा यह मानकर चलते हैं कि यदि वे प्रतिदिन धूम्रपान नहीं करते और केवल छुट्टी वाले दिनों या विशेष अवसरों पर ही सिगरेट पीते हैं, तो इससे उनके स्वास्थ्य पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह गलत है और कभी-कभार किया गया धूम्रपान भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू से निकलने वाले हानिकारक तत्व शरीर में प्रवेश करते ही अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देते हैं। चाहे धूम्रपान की मात्रा कम हो, फिर भी यह फेफड़ों, हृदय और रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक असर डालता है। समय के साथ यह उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मस्तिष्काघात जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
चिकित्सकों का कहना है कि सप्ताहांत में एक या दो बार धूम्रपान करने वाले लोग अक्सर स्वयं को सुरक्षित मान लेते हैं, जबकि उनके शरीर में भी हानिकारक रासायनिक पदार्थ जमा होते रहते हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में वायु प्रदूषण पहले से ही लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे वातावरण में धूम्रपान का अतिरिक्त प्रभाव फेफड़ों पर और अधिक दबाव डालता है। इसके परिणामस्वरूप सांस फूलना, लगातार थकान महसूस होना, खांसी की समस्या तथा श्वसन क्षमता में कमी जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि कभी-कभार की आदत भी धीरे-धीरे निर्भरता का रूप ले सकती है। कई लोग मनोरंजन या तनाव कम करने के उद्देश्य से धूम्रपान शुरू करते हैं, लेकिन समय के साथ यह आदत छोड़ना कठिन हो जाता है।
विशेषज्ञों ने युवाओं से अपील की है कि वे धूम्रपान को किसी भी रूप में सुरक्षित न समझें। बेहतर स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाना ही सबसे प्रभावी उपाय है। उनका कहना है कि क्षणिक आनंद के लिए अपनाई गई यह आदत भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।