दैनिक खबरनामा | मुंबई, 1 जून : भारतीय शेयर बाजार जून के पहले सप्ताह में एक अहम मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, लेकिन तकनीकी संकेत बताते हैं कि जल्द ही एक बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। हालांकि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

निफ्टी में जारी है ‘तूफान से पहले की शांति’

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी पिछले कुछ समय से 23,200 से 24,050 के दायरे में घूम रहा है। यह चरण बाजार के लिए एक स्वस्थ कंसोलिडेशन माना जा रहा है, जहां निवेशक अगले बड़े ट्रेंड का इंतजार कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि 23,200 का स्तर फिलहाल बाजार के लिए मजबूत आधार बना हुआ है। जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी की संभावना बरकरार रहेगी।

बैंकिंग, ऑटो और कैपिटल गुड्स बने बाजार के ‘हीरो’

बाजार में बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और कैपिटल गुड्स सेक्टर मजबूती दिखा रहे हैं। वहीं लंबे समय से दबाव में रहा आईटी सेक्टर भी अब सुधार के संकेत देने लगा है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार को नई ऊर्जा मिल सकती है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी का सिलसिला जारी है। कई सूचकांक नए रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी बड़े शेयरों के साथ-साथ उभरती कंपनियों में भी बनी हुई है।

23,800 पर टिकी बाजार की नजर

विश्लेषकों का मानना है कि 23,750 से 23,800 का क्षेत्र निफ्टी के लिए सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। यदि सूचकांक इस स्तर को मजबूती से पार कर लेता है तो बाजार में नई तेजी शुरू हो सकती है और निफ्टी 24,250 से 24,500 के लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर, यदि 23,300 का समर्थन टूटता है तो बाजार में मुनाफावसूली बढ़ सकती है और निफ्टी 23,000 के स्तर तक फिसल सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

बाजार विशेषज्ञ फिलहाल “बाय ऑन डिप्स” यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति को बेहतर मान रहे हैं। उनका कहना है कि जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने की बजाय महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखना अधिक समझदारी होगी।

जो निवेशक थोड़े जोखिम के साथ तेजी की उम्मीद रखते हैं, उनके लिए चुनिंदा सेक्टरों और मजबूत तकनीकी संकेत देने वाले शेयरों में अवसर बन सकते हैं।

इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

विश्लेषकों ने इस सप्ताह कुछ चुनिंदा कंपनियों में बेहतर संभावनाएं जताई हैं। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, ऑटो कंपोनेंट्स और वेल्थ मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। मजबूत तकनीकी संरचना और बढ़ती खरीदारी इन शेयरों को निवेशकों की पसंद बना सकती है।

जून में उतार-चढ़ाव, जुलाई से बढ़ सकती है रफ्तार

बाजार जानकारों का मानना है कि जून का महीना उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है, लेकिन यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं और मानसून सामान्य रहा तो जुलाई में बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।

फिलहाल निवेशकों की निगाहें निफ्टी के अगले बड़े ब्रेकआउट पर टिकी हैं। बाजार में माहौल सकारात्मक जरूर है, लेकिन निर्णायक तेजी के लिए 23,800 के स्तर को पार करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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