दैनिक खबरनामा | बिलासपुर, 1 जून : हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव संपन्न होते ही प्रवेश शुल्क (एंट्री टैक्स) में बढ़ोतरी को लेकर विरोध तेज हो गया है। बढ़ी हुई दरों के खिलाफ सोमवार को इलाका संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रदेश के 52 प्रवेश द्वारों पर प्रदर्शन किए गए। इस दौरान बिलासपुर जिले के गरामोड़ा में मनाली-कीरतपुर फोरलेन पर चक्का जाम कर दिया गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतारें
चक्का जाम के कारण हिमाचल से बाहर जाने वाले वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सीमा के दोनों ओर ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नयना देवी और टोबा मार्ग से वाहनों को डायवर्ट किया, लेकिन भारी वाहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बढ़ा शुल्क वसूलने से बढ़ा विवाद
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि धरना शुरू होने से पहले ही बैरियरों पर बढ़ी हुई एंट्री फीस वसूली जाने लगी थी, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। विरोध प्रदर्शन के चलते पंजाब की ओर जाने वाले कई वाहन बॉर्डर पर ही फंस गए। सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हुई, जो जरूरी कामों, कार्यालयों या आपातकालीन सेवाओं के लिए यात्रा कर रहे थे।
पर्यटन सीजन में बढ़ी चिंता
प्रदेश में इन दिनों पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और रोजाना हजारों पर्यटक हिमाचल पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन से पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। होटल कारोबारियों, टैक्सी चालकों और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों के लिए यह सीजन कमाई का महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे में लंबे समय तक जारी रहने वाला विरोध प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
प्रशासन के सामने चुनौती
एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन के सामने यातायात सुचारु बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों की मांगों का समाधान निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में स्थिति और जटिल हो सकती है।