दैनिक खबरनामा| शिमला, 2 जून : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने छोटा शिमला से हाईकोर्ट तक जाने वाली सील्ड सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोके जाने के विरोध में मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने पहले मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर के बाहर धरना दिया और बाद में सचिवालय तक मार्च कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सरकारी गाड़ी सील्ड रोड से गुजर रही थी। अधिवक्ताओं ने पुलिस से नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद वाहन का 1,500 रुपये का चालान किया गया। उस समय मंत्री वाहन में मौजूद नहीं थे, जबकि उनकी माता एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह उसमें सवार थीं।
वकीलों ने जताई नाराजगी
अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस उन्हें सील्ड रोड से गुजरने से रोक रही है, जिससे समय पर अदालत पहुंचने में कठिनाई हो रही है। उनका कहना है कि वर्षों से अधिवक्ता इसी मार्ग का उपयोग करते आए हैं, लेकिन हाल में बिना स्पष्ट जानकारी के आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
अधिवक्ता एच.एस. ठाकुर ने कहा कि पुलिस वकीलों को कार्ट रोड से जाने के लिए कह रही है, जबकि वहां अक्सर भारी ट्रैफिक जाम रहता है। इससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और अदालतों में समय पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग
वकीलों का कहना है कि वे केवल अदालत आने-जाने के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं और इससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं फैलती। इसलिए पहले से चली आ रही व्यवस्था को बहाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब तक इस संबंध में सरकार की ओर से कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि पुलिस लगातार वाहनों को रोक रही है।
मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
अधिवक्ता एच.एस. ठाकुर ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं अधिवक्ता रह चुके हैं और वकीलों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं।
वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।