दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 2 जून :  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए री-इवैल्यूएशन और उत्तरपुस्तिका सत्यापन पोर्टल शुरू होते ही रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने लॉगिन किया, जिससे सिस्टम पर असाधारण दबाव देखने को मिला। बोर्ड के अनुसार शुरुआती मिनटों में ही लाखों अनुरोध दर्ज हुए, जबकि कुछ संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों ने भी तकनीकी टीम की चिंता बढ़ा दी।

सीबीएसई ने बताया कि पोर्टल लॉन्च होने के शुरुआती दो मिनट के भीतर करीब 15 लाख से अधिक हिट्स दर्ज की गईं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में अनधिकृत एक्सेस की कोशिशें भी सामने आईं। अचानक बढ़े ट्रैफिक के कारण कई छात्रों को आवेदन भरने और दस्तावेज अपलोड करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

साइबर सुरक्षा प्रणाली रही सक्रिय

बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी जानकारी में कहा कि नियमित उपयोगकर्ताओं के अलावा कुछ दुर्भावनापूर्ण गतिविधियां भी दर्ज की गईं, जिनमें डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) जैसे प्रयास शामिल थे। इन घटनाओं के कारण सर्वर पर अतिरिक्त दबाव बना, लेकिन सुरक्षा तंत्र ने स्थिति को संभाल लिया।

सीबीएसई का दावा है कि किसी भी छात्र की संवेदनशील जानकारी से समझौता नहीं हुआ और सभी महत्वपूर्ण डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

छात्रों की सुविधा के लिए किए गए बदलाव

तकनीकी चुनौतियों और विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने पोर्टल में कई सुधार लागू किए हैं। सबसे प्रमुख बदलाव आवेदन प्रक्रिया के दौरान सेशन टाइम बढ़ाने का है, जिससे छात्र बिना किसी जल्दबाजी के अपना आवेदन पूरा कर सकें।

बोर्ड के अनुसार दोपहर तक 16 हजार से अधिक विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन और उत्तरपुस्तिका सत्यापन के लिए सफलतापूर्वक आवेदन कर चुके थे। अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

किन छात्रों को मिलेगी आवेदन की अनुमति?

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि केवल वही विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन या सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने पहले अपनी उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त की हो। छात्रों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले संबंधित विषय की मार्किंग स्कीम का अध्ययन अवश्य करें, जो बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

बोर्ड ने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं या यथावत रह सकते हैं। संशोधित परिणाम को अंतिम माना जाएगा और उसके बाद किसी प्रकार की पुनः अपील स्वीकार नहीं की जाएगी।

OSM प्रणाली पर उठे सवाल, शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें उपलब्ध कराई गई उत्तरपुस्तिकाओं और मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ विसंगतियां नजर आईं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से विस्तृत जानकारी मांगी है। मंत्रालय ने विशेष रूप से OSM सेवा प्रदाता ‘COEMPT’ को दिए गए अनुबंध, निविदा प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों का पूरा ब्यौरा तलब किया है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय प्रारंभिक तथ्यों की समीक्षा कर रहा है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। OSM प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर अब व्यापक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।

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