दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 2 जून : तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने मंगलवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष से मुलाकात कर अपना पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अन्नामलाई जल्द ही एक नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी के गठन की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित दल ‘तमिल-प्रथम’ विचारधारा और धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दृष्टिकोण को आधार बनाकर काम करेगा।
नई पार्टी छह से आठ माह में हो सकती है लॉन्च
सूत्रों का दावा है कि अन्नामलाई की नई पार्टी अगले छह से आठ महीनों के भीतर औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ सकती है। यह संगठन तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा और पारंपरिक द्रविड़ दलों, दोनों के विकल्प के रूप में अपनी पहचान बनाने की कोशिश करेगा।
अन्नामलाई के करीबी लोगों का कहना है कि वह ऐसा राजनीतिक मंच तैयार करना चाहते हैं, जो तमिल पहचान और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के बीच संतुलन स्थापित करे तथा मुद्दा-आधारित राजनीति को बढ़ावा दे।
भाजपा नेतृत्व से रणनीतिक मतभेद बने वजह
जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु में पार्टी की राजनीतिक रणनीति को लेकर अन्नामलाई और भाजपा नेतृत्व के बीच पिछले कुछ महीनों से मतभेद चल रहे थे। विशेष रूप से ए.आई.ए.डी.एम.के. के साथ गठबंधन को लेकर पार्टी के रुख तथा उम्मीदवार चयन से जुड़े कुछ फैसलों पर उनकी असहमति बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इन मुद्दों पर बढ़ती नाराजगी के चलते विधानसभा चुनावों के बाद अन्नामलाई ने भाजपा से अलग होने का निर्णय लिया। हालांकि, पार्टी या अन्नामलाई की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
अन्नामलाई के इस्तीफे और नई पार्टी के गठन की अटकलों ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। यदि वह नया राजनीतिक दल बनाते हैं, तो राज्य की राजनीतिक समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें उनके अगले कदम और संभावित राजनीतिक घोषणा पर टिकी हैं।