दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब लोक भवन में वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व करते हुए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत आयोजित किया गया।
राज्यपाल कटारिया ने अपनी धर्मपत्नी अनीता कटारिया, पुत्रियों और अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने आँवला का पौधा लगाया, जबकि अनीता कटारिया ने अमलतास का पौधा रोपा। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी गुलमोहर, नीली गुलमोहर, अमरूद और प्राइड ऑफ इंडिया सहित विभिन्न पौधों का रोपण किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से वृक्षारोपण और पौधों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वायु गुणवत्ता सुधारने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को माताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने देशभर में लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया है तथा प्रकृति के साथ उनके संबंध को और मजबूत किया है।
राज्यपाल ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी हरित पहचान और सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए देशभर में जाना जाता है। उन्होंने पर्यावरणीय स्थिरता को और मजबूत बनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियानों, जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रमों और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने लगाए गए पौधों की उचित देखभाल और संरक्षण के महत्व पर भी बल दिया ताकि ऐसे प्रयास दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जन सहभागिता बढ़ाना समय की आवश्यकता है और प्रत्येक नागरिक को इस दिशा में अपना योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, यूटी चंडीगढ़ के गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार, वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अनूप कुमार सोनी सहित चंडीगढ़ प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।