दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 6 जून 2026: भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के निकट समुद्री क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार की खोज हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
मंत्री के अनुसार, सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान अपतटीय बेसिन में स्थित ‘श्री विजय पुरम-3’ कुएं में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि की है। यह क्षेत्र अंडमान-निकोबार द्वीपों से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। समुद्र में करीब 1,900 मीटर की गहराई पर किए गए शुरुआती परीक्षणों के दौरान गैस का लगातार प्रवाह और दहन दर्ज किया गया, जिससे भंडार की पुष्टि हुई।
गैस के नमूनों को विस्तृत परीक्षण और गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। यह खोज प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित ‘समुद्र मंथन मिशन’ के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करती है, जिसका लक्ष्य देश के समुद्री संसाधनों की खोज और दोहन को बढ़ावा देना है।
ऑयल इंडिया द्वारा अंडमान बेसिन में अब तक तीन कुओं की ड्रिलिंग की जा चुकी है, जिनमें से दो में हाइड्रोकार्बन की उपस्थिति दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के साथ सहयोग के अवसर भी बढ़ाएगी।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अमृतकाल के दौरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाली यह खोज एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही, इससे देश की आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।