दैनिक खबरनामा। घनौर, 8 जून : यूथ अकाली दल के अध्यक्ष और घनौर हलका इंचार्ज सरबजीत सिंह झिंजर की 10 दिवसीय ऐतिहासिक पदयात्रा ‘बोलेगा घनौर, बदलेगा दौर’ सोमवार को गांव ढकांसू कलां में संपन्न हो गई। 30 मई को शुरू हुई इस यात्रा ने घनौर विधानसभा क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों को कवर करते हुए 220 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया।
यात्रा के समापन अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए झिंजर ने कहा कि इस अभियान को क्षेत्र की जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला। उन्होंने बताया कि 180 से अधिक गांवों की पंचायतें इस पदयात्रा से जुड़ीं, जिससे इसका दायरा और प्रभाव लगातार बढ़ता गया। यात्रा के दौरान उन्होंने दुकानदारों, व्यापारियों, मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी वालों और विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
झिंजर ने कहा कि 1 जून से 6 जून तक की अवधि यात्रा का विशेष रूप से भावनात्मक और ऐतिहासिक हिस्सा रही, क्योंकि यह 1984 के घल्लूघारा (ऑपरेशन ब्लू स्टार) की बरसी के साथ जुड़ी हुई थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान यात्रा में शामिल लोगों ने सिख कौम के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा तत्कालीन कांग्रेस सरकार की कार्रवाई के विरोध में अपनी पगड़ियों पर काली पट्टियां बांधीं। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात कई धर्मी फौजियों से हुई, जिन्होंने जून 1984 में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर कूच करने के लिए भारतीय सेना की नौकरी छोड़ दी थी।
यूथ अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि यात्रा के दौरान लोगों ने क्षेत्र की अनेक गंभीर समस्याएं उनके सामने रखीं। इनमें टूटी सड़कें, कच्चे मकान, नशे की समस्या, बिगड़ती कानून व्यवस्था, सीवरेज व्यवस्था की खामियां और पेयजल संकट प्रमुख रहे। घग्गर बेल्ट के निवासियों ने वर्ष 2023 की बाढ़ के दौरान टूटे बांधों और कटाव स्थलों की अब तक मरम्मत न होने पर चिंता जताई। वहीं सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने लंबित महंगाई भत्ते की बकाया राशि जारी न होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में जनता का सड़कों पर उतरना सरकार को असहज कर रहा था। झिंजर ने कहा कि यात्रा के दौरान कई माताओं और बुजुर्गों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए भावुक होकर अपनी पीड़ा व्यक्त की, जिसने उन्हें जनता की लड़ाई और मजबूती से लड़ने की प्रेरणा दी।
समापन समारोह में घनौर के युवाओं ने सम्मान स्वरूप झिंजर को एक 5911 ट्रैक्टर भेंट किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वह इस ट्रैक्टर का उपयोग व्यक्तिगत कार्यों के लिए नहीं करेंगे, बल्कि इसे पूरी तरह घनौर क्षेत्र की सेवा और विकास कार्यों के लिए समर्पित करेंगे।
झिंजर ने दावा किया कि यह पदयात्रा केवल घनौर ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब लोगों की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं था, तब यह पदयात्रा जनता की आवाज बनकर सामने आई और सरकार को उनकी ओर ध्यान देने के लिए मजबूर किया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा के दौरान लोगों द्वारा उठाए गए प्रत्येक मुद्दे को प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा क्षेत्र के लोगों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अंतरिम सदस्य जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी, एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार जसमेर सिंह लच्छरू, जिला अध्यक्ष जगमीत सिंह हरियाऊ, वरिष्ठ नेता जत्थेदार लाल सिंह, रणजीत सिंह राणा, साधु सिंह सहित कई प्रमुख अकाली नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।