दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 9 जून: सड़क दुर्घटना मामले में जब्त वाहन को रिलीज करने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए सेक्टर-39 थाने के एएसआई हितेश कुमार यादव प्रकरण में अब विभागीय कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया है। एएसआई को सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद मंगलवार को सेक्टर-39 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
पुलिस विभाग ने इंस्पेक्टर राजीव के स्थान पर सेक्टर-36 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जय प्रकाश को सेक्टर-39 थाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, सेक्टर-36 थाने का अतिरिक्त प्रभार जिला क्राइम सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर चिरंजी लाल को दिया गया है।
सुपरविजन पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर राजीव की निगरानी अवधि के दौरान यह तीसरा मामला है, जिसमें सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में पुलिसकर्मियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लगातार सामने आए ऐसे मामलों के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की है।
डीजीपी की चेतावनी के बाद सख्त कदम
चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा पहले ही भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि रिश्वत लेते पकड़े जाने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाएगा और संबंधित सुपरविजन अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था ASI
गौरतलब है कि सेक्टर-41 निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाकर सेक्टर-39 थाने में तैनात एएसआई हितेश कुमार यादव को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सड़क दुर्घटना मामले में जब्त वाहन को अदालत से सुपरदारी आदेश मिलने के बावजूद रिलीज करने के लिए एएसआई ने रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद विभाग ने एएसआई हितेश कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब थाना प्रभारी के खिलाफ की गई कार्रवाई को पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।