दैनिक खबरनामा। शिमला, 9 जून: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और सार्वजनिक बयानबाजी पर सख्त रुख अपनाते हुए चार नेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस अनुशासन समिति की पहली बैठक में चार नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया।
अनुशासन समिति ने कांग्रेस उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले नीरज भारती के निष्कासन को उचित ठहराते हुए अपनी मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा ऊना के शिव हरिपाल तथा मंडी जिले के लाभ सिंह और आकाश शर्मा को भी छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। बैठक में कुल सात प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अनुशासन समिति स्वयं नजर रखेगी और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्षों को ऐसे मामलों को सीधे अनुशासन समिति के पास भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी विरोधी बयानबाजी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी पदाधिकारी या कार्यकर्ता को कोई शिकायत या आपत्ति है तो उसे प्रदेश कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी अथवा अनुशासन समिति जैसे उचित मंचों पर उठाया जाना चाहिए।
राठौर ने कहा कि मीडिया या सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करने से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है और समस्याओं का समाधान भी नहीं निकलता। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में जो भी नेता या कार्यकर्ता अनुशासन की लक्ष्मण रेखा लांघेगा, उसके खिलाफ सख्त संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में पार्टी नेताओं द्वारा अनुचित और भ्रामक बयानबाजी सामने आई है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक मर्यादा के खिलाफ काम करने वालों को कांग्रेस में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक हरदीप सिंह बावा, विधायक अनुराधा राणा, कांग्रेस महासचिव (संगठन) विनोद जिंटा और प्रदेश उपाध्यक्ष अमित नंदा उपस्थित रहे। वहीं विधायक भवानी सिंह पठानिया वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।