दैनिक खबरनामा। करसोग (मंडी), 11 जून: हिमाचल प्रदेश की बहुचर्चित और संवेदनशील कटांडा वन बीट एक बार फिर अवैध कटान की घटना को लेकर सुर्खियों में है। जिला मंडी के वन मंडल करसोग की मगरू रेंज अंतर्गत गरजूब जंगल में वन माफिया ने देवदार के दो विशाल पेड़ों पर आरी चला दी। वन विभाग की गश्ती टीम ने मौके से देवदार के 60 छोटे-बड़े स्लीपर बरामद किए हैं, जिन्हें तस्करी के उद्देश्य से सड़क के नजदीक पहुंचाया गया था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार अज्ञात वन तस्करों ने पेड़ों को काटकर उनके स्लीपर तैयार किए और उन्हें जंगल से बाहर ले जाने की तैयारी कर ली थी। मामले का खुलासा होने के बाद वन विभाग की शिकायत पर करसोग पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
होशियार सिंह प्रकरण की यादें हुईं ताजा
कटांडा वन बीट में हुई इस ताजा घटना ने क्षेत्र के चर्चित होशियार सिंह प्रकरण की यादें एक बार फिर ताजा कर दी हैं। कुछ वर्ष पूर्व वन माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने वाले जांबाज वन रक्षक स्वर्गीय होशियार सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला था। उस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था और वन माफिया की गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थीं।
संवेदनशील क्षेत्र में फिर सक्रिय हुए वन माफिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि होशियार सिंह प्रकरण के बाद भी इस क्षेत्र में अवैध कटान पूरी तरह नहीं रुका है। संवेदनशील मानी जाने वाली कटांडा बीट में लगातार सामने आ रही घटनाएं वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मंडी जिले की सबसे बड़ी और संवेदनशील वन बीटों में शामिल कटांडा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होना और तैयार स्लीपरों का सड़क तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की ओर संकेत करता है। इससे वन माफिया की सक्रियता और उनके नेटवर्क को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
दोषियों की तलाश में जुटी संयुक्त टीमें
वन मंडल अधिकारी करसोग कृष्ण बाग नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अवैध कटान के मामले में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें जांच में जुटी हैं। दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।