दैनिक खबरनामा स्पोर्ट्स डेस्क। 13 जून :ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर आगामी महिला ट्वेंटी-20 विश्व कप में प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा, लेकिन भारत की हालिया प्रगति और इंग्लैंड के बेदाग घरेलू रिकॉर्ड के कारण महिला क्रिकेट की इस महाशक्ति के लिए सातवां खिताब जीतना आसान नहीं होगा।
साल 2024 के टी20 विश्व कप और पिछले वर्ष के 50 ओवर विश्व कप में सेमीफाइनल में मिली निराशाजनक हार के बाद सोफी मोलिन्यूक्स और उनकी साथी खिलाड़ी वैश्विक क्रिकेट में अपना सर्वोच्च स्थान फिर से हासिल करने के लिए उत्सुक हैं।
मोलिन्यूक्स ने टूर्नामेंट से पहले कहा,
“विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया का शानदार इतिहास रहा है और हम इसे कभी नहीं भूलते। लेकिन यही बात हमें लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित भी करती है, ताकि हम केवल पुरानी उपलब्धियों पर निर्भर न रहें।”
भारत सबसे बड़ा खतरा
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा 50 ओवर विश्व चैंपियन भारत हो सकता है। महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) से मजबूत हुई भारतीय टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में, अब दबाव भरे मुकाबलों और विशाल दर्शक समूहों के सामने खेलने की अधिक आदी हो चुकी है।
मेजबान इंग्लैंड भी मजबूत दावेदार
दूसरी ओर, मेजबान इंग्लैंड भारत के खिलाफ श्रृंखला में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ टूर्नामेंट में उतर रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंग्लैंड ने मेजबान रहते हुए अब तक कोई भी विश्व कप नहीं गंवाया है, जिससे उसका मनोबल और भी मजबूत है।
दक्षिण अफ्रीका के सामने कठिन चुनौती
लगातार तीन विश्व कप फाइनल हारने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम को तथाकथित “मृत्यु समूह” में कठिन मुकाबलों का सामना करना होगा। फिर भी टीम काफी मजबूत मानी जा रही है। तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल ने संन्यास से वापसी की है और वह मैरिज़ान कैप के साथ नई गेंद संभालेंगी। कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका खिताब की दौड़ में बना हुआ है।
न्यूजीलैंड को अनुभवी खिलाड़ियों से उम्मीद
गत चैंपियन न्यूजीलैंड अपनी 2024 की यादगार सफलता को दोहराने का प्रयास करेगा। हालांकि टीम का प्रदर्शन काफी हद तक उसकी तीन अनुभवी खिलाड़ियों — सूज़ी बेट्स, सोफी डिवाइन और लिया ताहुहू — पर निर्भर करेगा। ये तीनों खिलाड़ी अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही हैं।