दैनिक खबरनामा ब्यूरो। र्रजोल (अल्बानिया), 13 जून : अल्बानिया के एड्रियाटिक तट पर एक लक्जरी विकास परियोजना के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा शनिवार को उस समय खुलकर सामने आया, जब करीब 200 प्रदर्शनकारियों ने निर्माण स्थल के चारों ओर लगाई गई धातु और कांटेदार तारों की बाड़ को उखाड़ फेंका। यह घटना पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ बढ़ते विरोध का ताजा उदाहरण है।

पिछले कई सप्ताहों से अल्बानिया में विभिन्न तटीय परियोजनाओं के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इनमें से एक प्रस्तावित लक्जरी रिसॉर्ट परियोजना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी एक कंपनी द्वारा समर्थित बताई जा रही है। यह परियोजना वलोरा क्षेत्र के निकट प्रस्तावित है, जो फ्लेमिंगो पक्षियों और समुद्री कछुओं के घोंसले बनाने वाले स्थानों के लिए प्रसिद्ध है।

शनिवार को उत्तर-पश्चिमी अल्बानिया के र्रजोल गांव के निवासियों ने एक अन्य परियोजना के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह परियोजना उनकी जब्त की गई जमीन पर बनाई जा रही है। रेतिले समुद्र तटों और चीड़ के जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और अल्बानियाई राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए “क्रांति” के नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने निर्माण स्थल की बाड़ को हटाना शुरू कर दिया, जिसके दौरान पुलिस के साथ कुछ झड़पें भी हुईं। हालांकि, पुलिस ने बाड़ हटाने की कार्रवाई को रोकने का प्रयास नहीं किया।

कई महीनों से आंदोलन का हिस्सा रहे 56 वर्षीय भूमि मालिक जेके निकोले शुलानी ने कहा, “जब तक र्रजोल गांव के निवासियों को उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा। लगभग 200 परिवारों की जमीन हमसे छीन ली गई है।”

विवादित स्थल पर एक अल्बानियाई कंपनी पांच सितारा लक्जरी पर्यटन रिसॉर्ट विकसित कर रही है। इस परियोजना को अल्बानियाई सरकार द्वारा “विशेष निवेशक” का दर्जा भी प्रदान किया गया है।

स्थानीय भूमि मालिक 60 वर्षीय निकोलिन मार्कपालाय ने सरकार और निवेशकों की आलोचना करते हुए कहा, “इस देश में जो कुछ हो रहा है, वह पागलपन है। हमने निवेशकों से स्थानीय लोगों से बातचीत करने और उनकी राय लेने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्हें लगता है कि वे यहां की सारी संपत्ति पर बिना किसी विरोध के कब्जा कर सकते हैं।”

यह विवाद अल्बानिया में आर्थिक विकास, पर्यटन निवेश और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर बढ़ती बहस को भी उजागर करता है। स्थानीय समुदायों का कहना है कि विकास परियोजनाओं में उनकी भागीदारी और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है, जबकि सरकार इन्हें पर्यटन और निवेश बढ़ाने के लिए आवश्यक बता रही है।

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