दैनिक खबरनामा | 15 जून, 2026 : अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने नीट री-एग्जाम का प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान के जयपुर और कोटा से दो आरोपियों, सुमेर सिंह मीणा और आकाश मीणा, को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से री-नीट परीक्षा का पेपर और गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने का झांसा देकर पैसे वसूलते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विभिन्न टेलीग्राम चैनलों पर विज्ञापन और संदेश प्रसारित कर छात्रों को निशाना बनाते थे। अभिभावकों और छात्रों से एडवांस भुगतान लेने के बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे और न तो कोई प्रश्नपत्र उपलब्ध कराते थे और न ही पैसे लौटाते थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने स्पष्ट किया कि इस मामले का री-नीट परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र लीक से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने केवल फर्जी दावे कर लोगों को ठगा था और परीक्षा का पेपर कहीं से भी लीक नहीं हुआ था।
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने कई टेलीग्राम चैनलों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि गिरोह सदस्य संख्या और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए थर्ड-पार्टी सेवाओं का उपयोग करते थे तथा पुराने सफल परिणामों के झूठे दावे कर लोगों का भरोसा जीतते थे।
पुलिस को आरोपियों के पास से नीट या किसी अन्य परीक्षा से संबंधित कोई अध्ययन सामग्री नहीं मिली। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर अन्य साइबर ठगी मामलों में भी शामिल थे। उनके छह बैंक खातों का संबंध देशभर से मिली 12 शिकायतों से पाया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार पिछले एक वर्ष में आरोपियों के खातों में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ और 1,000 से ज्यादा छात्रों के साथ धोखाधड़ी की आशंका है। पुलिस अब राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।