दैनिक खबरनामा। शिमला, 16 जून : हिमाचल प्रदेश सरकार को बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना के संबंध में बड़ी सफलता मिली है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हिमाचल प्रदेश के हितों के अनुरूप नई शर्तों पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
बैठक के बाद हिमाचल सदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार के दृढ़ रुख और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अब ऐसी व्यवस्था पर सहमति बनी है, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई प्रत्यक्ष वित्तीय निवेश नहीं करना पड़ेगा, जबकि बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद राज्य को प्रतिवर्ष 600 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा।
पुराने समझौते को मानने से किया था इनकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती जयराम ठाकुर सरकार के कार्यकाल में हुए समझौते में प्रदेश के वित्तीय हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया था। इसी कारण वर्तमान सरकार ने उस व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और केंद्र सरकार तथा अन्य हितधारकों के समक्ष राज्य का पक्ष मजबूती से रखा।
उन्होंने कहा कि अंततः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में हिमाचल सरकार की नई शर्तों को स्वीकार कर लिया गया, जो प्रदेश के आर्थिक हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कई राज्यों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अहम बैठक में हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
हिमाचल को होंगे ये प्रमुख लाभ
परियोजना के निर्माण और संचालन में राज्य सरकार को कोई अतिरिक्त राशि खर्च नहीं करनी होगी।
बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष 600 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा।
इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
राज्य सरकार के ‘आत्मनिर्भर हिमाचल’ के लक्ष्य को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे प्रदेश के अधिकारों और हितों की जीत बताते हुए कहा कि सरकार भविष्य में भी हिमाचल के संसाधनों पर राज्य के हक को सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखती रहेगी।