दैनिक खबरनामा । 18 जून : कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ से लेकर उत्तराखंड तक फैले आतंकियों के हवाला नेटवर्क की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए की टीम ने कठुआ पुलिस से अब तक की जांच संबंधी जानकारी जुटाई और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर एनआईए अधिकारियों ने जम्मू की अंबफला जेल में बंद आरोपितों से पूछताछ भी की है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए एजेंसी जल्द ही इस मामले में अलग से केस दर्ज कर सकती है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हवाला नेटवर्क अपेक्षा से कहीं अधिक बड़ा और संगठित है।
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपित राहुल खान ने अपने और अपनी पत्नी सपना के नाम पर कुल 14 बैंक खाते खुलवा रखे थे। इन खातों को अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए यूपीआई अकाउंट से जोड़ा गया था, जिनके माध्यम से बड़ी मात्रा में पैसों का लेन-देन किया जा रहा था।
वहीं, उत्तराखंड के हरिद्वार-रुड़की से गिरफ्तार पूजा और सोनम के नाम पर भी 20 बैंक खाते मिले हैं। दोनों महिलाओं के पास 10-10 बैंक खाते थे, जिन्हें विभिन्न मोबाइल नंबरों और यूपीआई प्लेटफॉर्म से संचालित किया जा रहा था।
अब तक की जांच में करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। जांच एजेंसियों के अनुसार, राहुल खान, पूजा और सोनम को आतंकियों के स्लीपर सेल नेटवर्क द्वारा मोबाइल सिम कार्ड और स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए थे, जिनका इस्तेमाल हवाला लेन-देन के लिए किया जाता था।
कठुआ पुलिस ने सबसे पहले राहुल खान को गिरफ्तार किया था, जो पेशे से ड्राइवर है। जांच में सामने आया है कि वह पिछले चार महीनों से पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों के लिए काम कर रहा था। वहीं, हरिद्वार से गिरफ्तार पूजा और सोनम पिछले दो वर्षों से पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थीं और उनके निर्देशों पर हवाला नेटवर्क संचालित कर रही थीं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शनों और मोबाइल कनेक्शनों की गहन पड़ताल से आतंकियों के वित्तीय नेटवर्क और उनके सहयोगियों के बारे में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल एनआईए और कठुआ पुलिस संयुक्त रूप से मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।