दैनिक खबरनामा । धर्मशाला, 18 जून : नगर निगम धर्मशाला के नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन करने के मामले में धर्मशाला पुलिस ने भाजपा के पार्षदों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं समेत आठ से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, वीरवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर भाजपा समर्थित पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नगर निगम आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया तथा मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ समय तक पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुतले में आग लगने के बाद पुलिसकर्मियों ने जलते हुए पुतले को मौके से हटाकर पास के नाले की ओर फेंक दिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
भाजपा पार्षदों का आरोप है कि 17 मई को हुए नगर निगम चुनावों और 31 मई को घोषित परिणामों के बावजूद अब तक नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि शपथ न होने के कारण वे अपने-अपने वार्डों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कोतवाली बाजार स्थित फव्वारा चौक के पुनर्विकास कार्य के उद्घाटन पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विधायक निधि से कराए गए कार्य का उद्घाटन मुख्यमंत्री के नाम की पट्टिका लगाकर किया गया है।
इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष भवनेश चौधरी, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु, नवनिर्वाचित पार्षदों सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एसएचओ धर्मशाला नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।