दैनिक खबरनामा । शिमला 22 जून : हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश सरकार ने लंबित मेडिकल प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस निर्णय से निगम के करीब 11 हजार कार्यरत कर्मचारियों और 5 हजार पेंशनरों को लाभ मिलेगा। लंबे समय से मेडिकल प्रतिपूर्ति राशि का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों को इससे आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार से राशि प्राप्त होने के बाद निगम प्रबंधन ने भुगतान प्रक्रिया तेज कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अगले तीन दिनों के भीतर पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों के खातों में राशि जमा होना शुरू हो जाएगी। जारी धनराशि से मार्च 2026 तक लंबित मेडिकल बिलों का निपटारा किया जाएगा।
लंबे समय से लंबित थे मेडिकल दावे
एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनरों के सामान्य मेडिकल प्रतिपूर्ति दावे लंबे समय से लंबित चल रहे थे। उपचार पर अपनी जेब से खर्च की गई राशि की वापसी में लगातार देरी के कारण कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
हालांकि, गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों और पेंशनरों के मामलों में निगम प्रबंधन हर महीने 30 से 40 लाख रुपये तक के मेडिकल बिलों का भुगतान करता रहा है, लेकिन वित्तीय संसाधनों की कमी के चलते बड़ी संख्या में सामान्य दावे लंबित पड़े थे।
कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
सरकार के इस फैसले का कर्मचारी संगठनों और पेंशनर प्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। मेडिकल बिलों के भुगतान का मुद्दा पिछले कई महीनों से विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर संघों द्वारा लगातार उठाया जा रहा था।
डिप्टी CM की अध्यक्षता में आज अहम बैठक
एचआरटीसी कर्मचारियों ने ओवरटाइम भुगतान और अन्य लंबित मांगों को लेकर 25 जून से बसों का संचालन बंद करने का अल्टीमेटम दिया है। इसी संदर्भ में मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में संयुक्त समन्वय समिति की बैठक आयोजित होगी।
बैठक में वेतन भुगतान, लंबित एरियर, ओवरटाइम, नियमितीकरण और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कर्मचारी नेताओं के अनुसार, यदि सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो 25 जून से प्रस्तावित बस चक्का जाम का फैसला वापस लिया जा सकता है।
इस बीच, वित्त विभाग ने पेंशन भुगतान के लिए भी 20 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद राशि जारी की जाएगी, जिसमें से 3 करोड़ रुपये एचआरटीसी को मिलेंगे। पेंशनरों को जून माह की पेंशन समय पर न मिलने को लेकर भी कर्मचारी संगठन सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
बैठक के नतीजों पर टिकी निगाहें
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि बैठक में उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति बनती है, तो आंदोलन टल सकता है। वहीं, कर्मचारी नेता के चंबा तबादले का मुद्दा भी बैठक में उठाए जाने की संभावना है। ऐसे में मंगलवार की बैठक एचआरटीसी कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।