दैनिक खबरनामा | श्री मुक्तसर साहिब, 24 जून 2026. पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निजी स्कूलों में वार्षिक फीस वृद्धि को अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित करने का फैसला किया है। साथ ही, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) की उत्तर पुस्तिकाएं अब विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। यह घोषणा मंगलवार को श्री मुक्तसर साहिब में आयोजित ‘ब्राइट माइंड्स पंजाब-2026’ कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने की।

कार्यक्रम में 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 1050 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत निजी स्कूल फीस और अन्य फंडों में सालाना अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान फीस में अनुचित वृद्धि करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी का परिणाम है कि पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की पीजीआई 2.0 रैंकिंग में देश में पहला स्थान हासिल किया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है, जिससे विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा और मजबूत होगा।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर 68 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे आधुनिक और भविष्य उन्मुख कौशलों से लैस करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी क्रांति के इस दौर में विद्यार्थियों को नए अवसरों के लिए तैयार करना समय की मांग है।
इस अवसर पर मनीष सिसोदिया ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ खुला संवाद करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी देश की प्रगति उसकी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जहां देश के कई राज्य अभी भी शिक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वहीं पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने सवाल रखे और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिए। कार्यक्रम में श्री मुक्तसर साहिब के विधायक जगदीप सिंह काका बराड़, स्कूल शिक्षा (सेकेंडरी) के निदेशक एस.एस. बल्ल तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।