दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 25 जून, 2026. पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ एक बड़ी सफलता के रूप में उभर रही है। राज्य में अब तक 4.43 लाख से अधिक मरीज इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, जबकि उनके उपचार पर 782.79 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैशलेस सुविधा के तहत खर्च की जा चुकी है।

स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब के ताजा आंकड़ों के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की संख्या के मामले में पटियाला जिला पूरे राज्य में सबसे आगे है। यहां 52,672 मरीजों के उपचार पर लगभग 79.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बाद बठिंडा में 30,813 मरीजों पर 76.81 करोड़ रुपये और लुधियाना में 44,227 मरीजों के उपचार पर 60.54 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने लाखों परिवारों को भारी चिकित्सा खर्च के बोझ से राहत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक सरकारी नीति नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है जो गंभीर बीमारी के दौरान महंगे अस्पताल बिलों का सामना करने में असमर्थ थे।

राज्य के अन्य प्रमुख जिलों में भी योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिला है। जालंधर में 27,682, अमृतसर में 20,503 और एस.ए.एस. नगर में 20,085 मरीजों ने इस योजना का लाभ प्राप्त किया है। वहीं कपूरथला और मलेरकोटला जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिलों में भी लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि पंजाब का कोई भी परिवार बीमारी के कारण आर्थिक संकट या कर्ज के बोझ तले न दबे। उन्होंने बताया कि योजना का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस योजना का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। कई लाभार्थियों ने इसे आर्थिक राहत और जीवनरक्षक पहल बताया है। मानसा, संगरूर, होशियारपुर, फिरोजपुर, गुरदासपुर और रूपनगर सहित विभिन्न जिलों में मरीजों द्वारा योजना के बढ़ते उपयोग से स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में पंजाब एक नई दिशा की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से पंजाब सरकार न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि गुणवत्तापूर्ण उपचार किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर निर्भर न रहे। राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में आ रहा यह परिवर्तन जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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