दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 25 जून: देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, परीक्षा में अनियमितताओं और बढ़ती बेरोज़गारी को लेकर कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी ने ‘छात्रों की गूंज’ नाम से 40 दिनों का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसके माध्यम से छात्रों और युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
अभियान की घोषणा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य राजीव शुक्ला, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर लक्की तथा एआईसीसी कॉर्डिनेटर हुसैन सुल्तानिया ने कहा कि यह अभियान देश के हर कोने तक पहुंचेगा। इसके तहत कोचिंग सेंटरों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर छात्रों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा विवादों ने छात्रों का भरोसा बुरी तरह प्रभावित किया है। उनके अनुसार यह अब केवल शिक्षा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि करोड़ों छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है।

पार्टी ने विशेष रूप से नीट यूजी 2026 परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण लाखों छात्रों को मानसिक और शैक्षणिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
नेताओं ने कहा कि जांच एजेंसियों द्वारा की गई गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि परीक्षा प्रणाली के विभिन्न स्तरों पर गंभीर अनियमितताएं मौजूद हैं। उनका कहना है कि यदि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो सकते हैं, तो इसकी जवाबदेही केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे तंत्र की जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि परीक्षा में लगातार हो रही गड़बड़ियों का असर केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं पर भी पड़ा है जो सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक से जुड़े गिरोहों, एजेंसियों, ठेकेदारों, अधिकारियों और कथित राजनीतिक संरक्षण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार अभियान की शुरुआत 30 जून से होगी। इसके तहत देशभर में पर्चे वितरित किए जाएंगे, नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी और छात्रों के साथ सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा। जुलाई माह के दौरान कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम तथा ‘अंबेडकर संवाद’ आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के अगले चरण में 1 अगस्त को देश के 28 शहरों में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे, जबकि 9 अगस्त को नई दिल्ली में ‘संसद घेराव’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों और युवाओं की आवाज़ को केंद्र सरकार तक पहुंचाना और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है।