दैनिक खबरनामा । शिमला, 30 जून : राज्य सरकार और मंत्रिमंडल के सदस्यों के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे कथित दुष्प्रचार को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को शिमला में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। उपसमिति ने माना कि कई सोशल मीडिया मंचों पर योजनाबद्ध तरीके से सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य बिंदु
नियंत्रण का अभाव: सरकार के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म बिना किसी पंजीकरण या नियामक निगरानी के संचालित हो रहे हैं। इन पर सरकार की नीतियों और कार्यों को लेकर भ्रामक व गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं।
कानूनी दायरे में लाने की तैयारी: बैठक में ऐसे प्लेटफॉर्म को कानूनी दायरे में लाने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और मौजूदा कानूनी प्रावधानों की भी समीक्षा की गई।
15 दिन में बनेगा खाका: उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर नियमों का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ठोस कार्रवाई की जा सके।
कैबिनेट में जाएगी रिपोर्ट: उपसमिति अपनी सिफारिशें कैबिनेट के सामने रखेगी। इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रिंट मीडिया और उससे जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने कानूनी दायित्व निभा रहे हैं। लेकिन इंटरनेट मीडिया पर कुछ समूह विशेष एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान किया जाएगा, मगर भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण सामग्री पर रोक के लिए कानूनी तंत्र आवश्यक है। उपसमिति सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है।