दैनिक खबरनामा 2 जुलाई 2026 ब्रुसेल्स : दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में शामिल Google को यूरोप में एक अहम कानूनी हार का सामना करना पड़ा है। यूरोपीय संघ (EU) की सर्वोच्च अदालत ने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़े एंटीट्रस्ट मामले में कंपनी की अपील खारिज कर दी है। अदालत के इस अंतिम फैसले के साथ अब Google को 4.1 अरब यूरो का जुर्माना अदा करना होगा। यह मामला पिछले आठ वर्षों से अदालतों में लंबित था और इसमें Google की पैरेंट कंपनी Alphabet भी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा रही।
यह विवाद 2018 में शुरू हुआ था, जब यूरोपीय आयोग ने Google पर 4.34 अरब यूरो का जुर्माना लगाया था। आयोग का आरोप था कि कंपनी ने स्मार्टफोन निर्माताओं के साथ ऐसे व्यावसायिक समझौते किए, जिनके तहत Google Play Store का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए डिवाइस में पहले से Google Search और Chrome ब्राउज़र इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाया जाता था। आयोग के अनुसार, इस व्यवस्था से प्रतिस्पर्धी सर्च इंजन और ब्राउज़र को बाजार में समान अवसर नहीं मिल पाए और Android इकोसिस्टम में Google की मजबूत पकड़ और बढ़ गई।
Google ने आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। 2022 में यूरोपीय संघ की निचली अदालत ने कंपनी की कुछ दलीलों को स्वीकार करते हुए जुर्माने की राशि घटाकर 4.1 अरब यूरो कर दी थी, लेकिन यह भी स्पष्ट किया था कि Google ने प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया है। अब EU की सर्वोच्च अदालत ने उसी निर्णय को बरकरार रखते हुए Google की अंतिम अपील भी खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि कंपनी ने बाजार में अपनी प्रभावशाली स्थिति का इस्तेमाल प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने के लिए किया।
फैसले के बाद Google ने निराशा जताते हुए कहा कि Android एक खुला और निःशुल्क प्लेटफॉर्म है, जिसने मोबाइल उद्योग में नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है तथा अनेक कंपनियों को कारोबार विकसित करने का अवसर प्रदान किया है। हालांकि, यूरोप में कंपनी पहले भी ऑनलाइन विज्ञापन और Google Shopping से जुड़े मामलों में एंटीट्रस्ट जांच और भारी जुर्माने का सामना कर चुकी है।
ताजा निर्णय को यूरोपीय संघ की बड़ी टेक कंपनियों पर सख्त नियामकीय नीति के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही Android एंटीट्रस्ट मामले में Google की लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का भी समापन हो गया है।