दैनिक खबरनामा 3 जुलाई 2026
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि यह व्यवस्था प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) और ई-पीएमएसएमए के तहत आयोजित विशेष जांच दिवसों पर लागू होगी। इन अवसरों पर प्रत्येक गर्भवती महिला के दांतों और मसूड़ों की जांच नियमित प्रसव पूर्व जांच का हिस्सा होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘मुस्कान से मातृत्व तक’ पहल का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली दंत एवं मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का समय रहते पता लगाकर उनका उपचार सुनिश्चित करना है, जिससे मां और नवजात दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने इसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
आरती सिंह राव के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में मसूड़ों की बीमारी और दांतों में सड़न की आशंका बढ़ जाती है। यदि इन समस्याओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए तो समय-पूर्व प्रसव और जन्म के समय शिशु का कम वजन जैसी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे हर महीने की 9, 10, 23 तारीख तथा महीने के अंतिम कार्य दिवस पर आयोजित होने वाली इस निशुल्क जांच सुविधा का लाभ अवश्य उठाएं।