दैनिक खबरनामा। कुल्लू, 6 जुलाई : हिमाचल के कुल्लू में बस अड्डे को शहर से जोड़ने वाला भूतनाथ पुल अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। 2013 में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार हुए इस पुल पर अभी सिर्फ हल्के वाहन ही चल रहे हैं। भारी वाहनों के लिए पुल पर प्रतिबंध आज भी जारी है।
2013 में लोकार्पण के 4 साल बाद 2017 में पुल के दोनों सिरों पर दरारें दिखाई दी थीं। इसके बाद पुल बीच से धंस गया था। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने तुरंत सभी तरह के वाहनों की आवाजाही रोक दी थी।
2.68 करोड़ खर्च के बाद भी नहीं मिला हल
पुल को दोबारा चालू करने के लिए सरकार ने 2 करोड़ 68 लाख रुपये मंजूर किए थे। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद जब पुल पर बड़े वाहनों का ट्रायल लिया गया तो वह पास नहीं हो सका। नतीजतन पिछले दो साल से पुल को सिर्फ छोटे वाहनों के लिए खोला गया है, जबकि ट्रक और बसें अब भी दूसरे रास्ते से गुजर रही हैं।
विदेशी कंपनी का फॉर्मूला भी फेल
लोक निर्माण विभाग ने पुल की मरम्मत का जिम्मा नोएडा स्थित फ्रांस की कंपनी एमएस फ्रेंसिनेट मेनार्ड को सौंपा था। काफी प्रयास के बाद कंपनी ने अपनी तकनीक से पुल को ठीक करने का दावा किया। लेकिन जांच में यह तकनीक काम नहीं आई।
कंपनी के इंजीनियरों और डिजाइनरों की टीम ने मौके पर जाकर पुल का निरीक्षण किया। टीम ने रिपोर्ट में पुल में क्रैक, झुकाव और अन्य संरचनात्मक खामियां दर्ज कीं। इसके आधार पर टीम ने स्पष्ट कहा कि पुल बड़े वाहनों के आवागमन के लिहाज से सुरक्षित नहीं है।
आठ साल बीत जाने के बाद भी करोड़ों की लागत से बना यह पुल आम जनता को पूरी सुविधा नहीं दे पाया है। अभी भी स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।