चंडीगढ़ 2 जनवरी संपादकीय (हितेश)भारत जैसे कल्याणकारी देश में स्वास्थ्य सेवाएं हमेशा से नीति और जनचर्चा का केंद्र रही हैं। इसी क्रम में पंजाब सरकार ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ एक ऐतिहासिक समझौता कर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को नई दिशा दी है। 15 जनवरी 2026 से लागू होने वाली ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (एमएमएसवाई) को राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने वाली एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका सार्वभौमिक और समावेशी स्वरूप है। आमतौर पर सरकारी योजनाएं आय सीमा और सामाजिक-आर्थिक मानकों से बंधी होती हैं, जिसके कारण मध्यम वर्ग का एक बड़ा हिस्सा लाभ से वंचित रह जाता है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह द्वारा स्पष्ट किया गया कि इस योजना में किसी भी प्रकार की आय सीमा नहीं रखी गई है और राज्य के लगभग 65 लाख परिवारों को इसके दायरे में लाया जाएगा। यह कदम पंजाब को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में अग्रणी राज्यों में शामिल करता है।योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग और जटिल सर्जरी के इलाज में बढ़ते खर्च को देखते हुए यह फैसला दूरदर्शी माना जा रहा है। योजना का संचालन एक हाइब्रिड मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसमें पहले 1 लाख रुपये तक का खर्च यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी वहन करेगी, जबकि 1 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि स्टेट हेल्थ एजेंसी ट्रस्ट मोड के माध्यम से वहन करेगी। इस व्यवस्था से दावों के निपटान में तेजी आने और सरकारी वित्तीय बोझ को संतुलित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।योजना की सफलता के लिए अस्पताल नेटवर्क को भी व्यापक बनाया गया है। शुरुआती चरण में 824 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 600 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं। इससे लाभार्थियों को इलाज के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए केवल आधार कार्ड और वोटर आईडी को मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया है, ताकि लोगों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
हालांकि योजना को लेकर उम्मीदें बड़ी हैं, लेकिन इसकी वास्तविक परीक्षा लागू होने के बाद सामने आएगी। निजी अस्पतालों में क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया समय पर पूरी होगी या नहीं, यह एक अहम सवाल रहेगा। इसके साथ ही दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाना और सीएससी के माध्यम से कार्ड बनवाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाना भी चुनौतीपूर्ण होगा। साथ ही सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता, विशेषकर सेकेंडरी और टर्शरी केयर सेवाओं में सुधार की आवश्यकता भी बनी रहेगी।कुल मिलाकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की जा रही मुख्यमंत्री सेहत योजना यदि प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह न केवल पंजाब के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है। स्वास्थ्य पर होने वाला निजी खर्च भारतीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालता है, ऐसे में 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का प्रावधान आम जनता के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

दैनिक खबर नमाज 2 अप्रैल 2026 Punjab and Haryana High Court को…
Share to :

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड गबन मामला हरियाणा सरकार सख्त, एफडी और बैंक खातों पर नए नियम लागू

दैनिक खबरनामा 10 अप्रैल 2026 आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी फंड के…
Share to :

पंजाब विधानसभा बजट सत्र में कई अहम मुद्दे उठे, डेराबस्सी को ‘गेटवे ऑफ पंजाब’ बनाने की मांग खैरा मामले पर हंगामे के आसार

चंडीगढ़ 12 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ Punjab Legislative Assembly के…
Share to :

चंडीगढ़ में 90 नई सेवाएं टाइम-बाउंड NOC, प्रॉपर्टी और लाइसेंस अब तय समय में मिलेंगे

दैनिक खबरनामा 5 मार्च 2026 चंडीगढ़ प्रशासन ने शहरवासियों को बड़ी राहत…
Share to :