दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 21 जुलाई: चंडीगढ़ नगर निगम में अब अधिकारियों की सुस्ती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विकास परियोजनाओं को तय समय में पूरा करवाने के लिए मेयर ने सख्ती दिखाते हुए हर काम की डेडलाइन तय कर दी है और साथ में जवाबदेही भी तय कर दी है।
मंगलवार को मेयर सौरभ जोशी ने इंजीनियरिंग विंग के साथ करीब पांच घंटे लंबी समीक्षा बैठक की। बैठक का मकसद अटके हुए विकास कार्यों को गति देना और यह सुनिश्चित करना था कि हर प्रोजेक्ट के लिए जिम्मेदार कौन होगा।
बैठक में सेक्टर और वार्ड स्तर पर चल रहे काम, पहले से मंजूर योजनाएं, रुके हुए टेंडर, जिन कार्यों को बजट आवंटन का इंतजार है और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का बारीकी से जायजा लिया गया।
पहली बार मेयर ने जनरल हाउस और फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी यानी एफएंडसीसी से पास हुए सभी प्रस्तावों और एस्टीमेट्स पर एक्शन टेकन रिपोर्ट की गहन समीक्षा करवाई। उन्होंने एक-एक मंजूर एजेंडे की मौजूदा स्थिति पूछी। जिन कामों को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद भी शुरू नहीं किया गया, उस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
मेयर ने साफ कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों में बेवजह की देरी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर लंबित प्रोजेक्ट में देरी की वजह लिखित में बताई जाए। अगर कोई कानूनी या प्रक्रियागत अड़चन है तो उसे फौरन हल किया जाएगा, लेकिन लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय है।
टेंडर और आवंटन से जुड़े सभी लंबित कामों के लिए अलग-अलग लक्ष्य तिथियां भी तय कर दी गईं। इंजीनियरिंग विंग को कहा गया कि निर्धारित समय में सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर काम जमीन पर शुरू करवाए जाएं, ताकि लोगों को मंजूर योजनाओं का फायदा समय पर मिल सके।
समीक्षा में सड़कें, बारिश के पानी की निकासी, पीने के पानी की सप्लाई, सीवरेज, पार्क, कम्युनिटी सेंटर, मार्केट और अन्य इंजीनियरिंग कार्य भी शामिल थे। मेयर ने कहा कि शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना निगम की पहली प्राथमिकता है। सभी अधिकारी गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का ध्यान रखते हुए काम में तेजी लाएं। उन्होंने इंजीनियरिंग अधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर जनरल हाउस और एफएंडसी से पास सभी एस्टीमेट, आवंटित काम और निर्माणाधीन परियोजनाओं की पूरी प्रगति रिपोर्ट देने को कहा।
मेयर ने यह भी बताया कि तय लक्ष्यों की समीक्षा के लिए जल्द ही दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। उस बैठक में बिना ठोस वजह देरी मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके साथ ही अलग-अलग इंजीनियरिंग शाखाओं के बीच बेहतर तालमेल, नियमित फील्ड विजिट और काम में आ रही अड़चनों को समय पर दूर करने के निर्देश भी दिए गए। मेयर ने कहा कि निरंतर निगरानी, समय पर फैसले और आपसी समन्वय से ही प्रोजेक्ट समय पर पूरे हो पाएंगे।
अब फाइलें नहीं लटकेंगी
मेयर ने कहा कि जनरल हाउस और एफएंडसीसी के फैसले सीधे शहरवासियों की उम्मीदों से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर लागू करना जरूरी है। अब फाइलों को लटकाने का दौर खत्म। निगम का पूरा फोकस तेज क्रियान्वयन, जवाबदेही और जमीन पर दिखने वाले विकास पर रहेगा।
बैठक में चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा, सभी सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सब-डिविजनल इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर मौजूद रहे।