दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 11 अगस्त 2026. पंजाब विधानसभा ने सोमवार को राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने वाले 9 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए। शिक्षा, कर व्यवस्था, रोजगार, ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इन विधेयकों के पारित होने से विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी और नियामक व्यवस्था को और मजबूत करने का रास्ता साफ हुआ है।
विधानसभा में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा पेश किया गया पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 बहुमत से पारित किया गया। यह विधेयक राज्य में साझा बुनियादी ढांचे से संबंधित व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़ा है।
शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश किया गया पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक, 2026 सर्वसम्मति से पारित किया गया। इससे निजी शिक्षण संस्थानों की फीस व्यवस्था को नियंत्रित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।
विधानसभा ने तीन विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयकों को भी मंजूरी दी। इनमें क्लाउड यूनिवर्सिटी, होशियारपुर विधेयक, 2026, एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला विधेयक, 2026 और फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला विधेयक, 2026 शामिल हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश किए गए इन तीनों विधेयकों को बहुमत से पारित किया गया।
कर व्यवस्था में सुधार के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किया गया पंजाब वस्तु एवं सेवा कर संशोधन विधेयक, 2026 भी बहुमत से पारित कर दिया गया। इसके माध्यम से राज्य में कर अनुपालन को सरल बनाने और कारोबार के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
सरकारी विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड परसोनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) विधेयक, 2026 भी विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया। इस कानून का उद्देश्य पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकारी अनुबंध व्यवस्था में लाकर उनके रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हितों को मजबूत करना है।
ग्रामीण शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद द्वारा पेश किया गया पंजाब पंचायती राज संशोधन विधेयक, 2026 बहुमत से पारित हुआ। इससे ग्रामीण संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कानूनी आधार मजबूत होगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी विधानसभा ने महत्वपूर्ण कदम उठाया। वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क द्वारा पेश किया गया पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक, 2026 बहुमत से पारित किया गया। यह राज्य में पेड़ों के संरक्षण और हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखने के प्रयासों को मजबूत करने से जुड़ा है।
इन 9 विधेयकों का पारित होना पंजाब सरकार की ओर से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा को बढ़ावा देने, कर एवं संस्थागत प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, कर्मचारियों और नागरिकों के हितों की रक्षा करने, ग्रामीण संस्थाओं को सशक्त बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।