दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 11 अगस्त 2026. पंजाब में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भगवंत सिंह मान सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पिछले चार वर्षों में स्वयं सहायता समूहों के तेजी से विस्तार ने राज्य की महिलाओं के लिए रोजगार, आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान के नए अवसर पैदा किए हैं।

उन्होंने वर्ष 2011 से 2022 तक की पिछली 11 वर्षों की अवधि की तुलना वर्ष 2022 से 2026 तक की मान सरकार की चार वर्ष की अवधि से करते हुए कहा कि आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा सरकार ने कम समय में स्वयं सहायता समूहों के गठन और महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के मामले में उल्लेखनीय काम किया है।

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि वर्ष 2011 से 2022 के दौरान जहां करीब 29,053 स्वयं सहायता समूह बनाए गए थे, वहीं मान सरकार के चार वर्षों में ही 28,734 नए स्वयं सहायता समूह गठित किए गए। इसी तरह पिछली 11 वर्षों की अवधि में करीब 2.97 लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया था, जबकि पिछले चार वर्षों में करीब 2.90 लाख महिलाएं इन समूहों से जुड़ी हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार ने महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है।

उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराए गए ब्याज मुक्त ऋण का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2011 से 2022 तक केवल 1.71 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाए गए थे, जबकि भगवंत सिंह मान सरकार ने चार वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को 631 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण दिए हैं।

सौंद ने कहा कि यह केवल वित्तीय आंकड़ों में वृद्धि नहीं बल्कि पंजाब की महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता में सीधा निवेश है। ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा से महिलाएं अपना कारोबार शुरू करने, मौजूदा काम का विस्तार करने और परिवार की आय बढ़ाने में सक्षम हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के लिए रिवॉल्विंग फंड की सहायता भी बढ़ाई है। पहले प्रति स्वयं सहायता समूह 10,000 से 15,000 रुपये तक की राशि दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति समूह कर दिया गया है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि गांव स्तर पर संस्थागत नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में भी तेजी से काम हुआ है। पिछली 11 वर्षों की अवधि में जहां 1,806 संगठन गठित किए गए थे, वहीं मान सरकार के चार वर्षों में 2,427 संगठन बनाए गए हैं।

इसी तरह कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड से लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं की संख्या भी 6,234 से बढ़कर 9,244 हो गई है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अधिक वित्तीय अवसर उपलब्ध करवाना और उन्हें स्थायी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है।

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल कल्याणकारी योजना के रूप में नहीं देखती, बल्कि इसे पंजाब की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार मानती है।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है, गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश की आर्थिक प्रगति पर पड़ता है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार आने वाले समय में भी स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, महिलाओं की वित्तीय सहायता तक पहुंच बढ़ाने और उनके लिए स्थायी रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के प्रयास जारी रखेगी, ताकि राज्य की अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकें।

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