दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 11 अगस्त 2026. पंजाब में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, सम्मानित और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भगवंत सिंह मान सरकार के प्रयासों को विधानसभा में व्यापक समर्थन मिला। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने महिला सशक्तिकरण संबंधी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना के तहत 65 लाख से अधिक महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता देकर सरकार ने महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है।
विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा विधानसभा में पेश किया गया महिला सशक्तिकरण संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह निर्णय महिलाओं के सम्मान, अधिकारों, समानता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के प्रति पूरे सदन की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना नहीं है। इसका वास्तविक आधार शिक्षा, समान अवसर, अनुभव और आत्मविश्वास है। सरकार का प्रयास ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक गतिविधियों और विकास के हर क्षेत्र में बराबर की भागीदार बनें।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना के तहत अब तक 65 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है और अन्य पात्र महिलाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल 1,000 और 1,500 रुपये की सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक पहचान को मजबूत करने का माध्यम बन रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं की लाभार्थी मानने के बजाय उन्हें प्रदेश के विकास की बराबर की भागीदार बनाया है। रोजगार में समान अवसर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती में तेजी और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है। इसका उद्देश्य केवल उन्हें परिवहन सुविधा देना नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाओं की भागीदारी भी दर्शाती है कि अवसर मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने के बजाय उन्हें निरंतरता दी है और जरूरत के अनुसार अधिक प्रभावी बनाया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को सरकार ने कल्याणकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया है।
उन्होंने कहा कि अनेक महिलाओं ने पूरी जिंदगी परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी और अपनी जरूरतों को पीछे रखा। मावां-धियां सत्कार योजना ऐसी महिलाओं को अपनी अलग पहचान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
बाल संरक्षण से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकारी बाल गृहों में इस समय 215 बच्चे रह रहे हैं, जिनमें 157 लड़कियां और 58 लड़के हैं। वहीं निरीक्षण गृहों में 495 लड़के और पांच लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात की जरूरत को रेखांकित करते हैं कि बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर देने के प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार, सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान दिया है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने भी स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक मजबूती और महिलाओं के लिए पैदा किए गए नए अवसरों के संबंध में सरकार की उपलब्धियां सदन के सामने रखीं। विधायक इंदरजीत कौर, डॉ. अमनजोत कौर, जीवनजोत कौर, नरिंदर कौर भराज और सर्वजीत कौर मानूके ने भी महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. बलजीत कौर ने प्रस्ताव पेश करने के लिए विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रस्ताव का सर्वसम्मति से पारित होना महिला अधिकारों, सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता के प्रति पंजाब विधानसभा की सामूहिक प्रतिबद्धता का मजबूत संदेश है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार आगे भी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता को मजबूत करने के लिए निरंतर काम करती रहेगी। सशक्त महिला ही सशक्त परिवार, सशक्त समाज और समृद्ध पंजाब की मजबूत नींव है।