दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 11 अगस्त 2026.पंजाब में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने घोषणा की कि पंजाब में 760.30 करोड़ रुपये की जैव विविधता एवं प्राकृतिक संसाधन संरक्षण परियोजना जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी ‘जीका’ के सहयोग से लागू की जाएगी।
इस परियोजना के तहत एग्रोफॉरेस्ट्री को बढ़ावा देने, भूजल संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा, शिवालिक क्षेत्र में एकीकृत जलग्रहण प्रबंधन और इकोटूरिज्म को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर
वन मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य खेतों में पेड़ों के नीचे रकबा बढ़ाने के साथ-साथ किसानों और ग्रामीण समुदायों की आय में वृद्धि करना है। इसके तहत कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
परियोजना के माध्यम से पराली से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
शिवालिक क्षेत्र और जल संसाधनों पर विशेष फोकस
परियोजना के तहत शिवालिक क्षेत्र में एकीकृत जलग्रहण प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। भूजल के संरक्षण के साथ-साथ राज्य के आर्द्रभूमि क्षेत्रों में सुधार और जैव विविधता के संरक्षण को भी प्रमुखता दी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण को स्थानीय समुदायों की आजीविका से जोड़ना है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के साथ लोगों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा किए जा सकें।
8 वर्षों में होगी परियोजना लागू
लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि परियोजना की कुल अनुमानित लागत 760.30 करोड़ रुपये है। इसमें वित्तीय हिस्सेदारी 85:15 के अनुपात में होगी। परियोजना को आठ वर्षों की अवधि में लागू करने का प्रस्ताव है और इसका संचालन सोसायटी के माध्यम से किया जाएगा।
पंजाब मंत्रिमंडल पहले ही इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दे चुका है। परियोजना के लिए ऋण समझौते पर ‘जीका’ और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के बीच हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं।
पंजाब सरकार ने परियोजना के प्रभावी संचालन और क्रियान्वयन के लिए पंजाब जैव विविधता एवं प्राकृतिक संसाधन संरक्षण सोसायटी के गठन को भी मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह परियोजना पंजाब में टिकाऊ प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा के साथ-साथ किसानों एवं ग्रामीण समुदायों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।